UP: राजस्व मामलों में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, 5 तहसीलदार सस्पेंड, 13 को कारण बताओ नोटिस
UP Revenue Court: उत्तर प्रदेश में लंबित राजस्व वादों (Revenue Cases) के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर राजस्व परिषद ने कड़ा एक्शन लिया है। परिषद ने पांच तहसीलदारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
इसके साथ ही 13 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
यह कार्रवाई प्रदेश के सभी राजस्व न्यायालयों (Revenue Courts) में राजस्व संहिता की धारा-34 के तहत नामांतरण से जुड़े वादों की तहसीलवार समीक्षा के बाद की गई है। पिछले सोमवार को हुई इस गहन समीक्षा में कई अधिकारियों की कार्यप्रणाली में लापरवाही सामने आई थी।
इन 5 अधिकारियों पर गिरी गाज
निलंबित किए गए अधिकारियों में संडीला के तहसीलदार अमित यादव, देवरिया के तहसीलदार कृष्ण कुमार मिश्रा, जौनपुर के तहसीलदार सौरभ कुमार, अयोध्या के तत्कालीन नायब तहसीलदार रंजन वर्मा और गाजीपुर के वर्तमान तहसीलदार अलख शुक्ला शामिल हैं।
इससे पहले 1 सितंबर को भी राजस्व मामलों में लापरवाही के आरोप में चार तहसीलदारों और एक नायब तहसीलदार को निलंबित किया गया था।
13 अधिकारियों को नोटिस, विभागीय कार्रवाई शुरू
राजस्व परिषद ने 13 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों से जवाब मांगा है। इनमें देवरिया के तत्कालीन चंद्रशेखर वर्मा और गोपाल जी, जौनपुर के तहसीलदार रविरंजन कश्यप और राकेश कुमार, बाराबंकी की तत्कालीन तहसीलदार कविता ठाकुर, सुलतानपुर के तत्कालीन तहसीलदार देवानन्द तिवारी, अयोध्या के तत्कालीन नायब तहसीलदार स्नेहल वर्मा, अमेठी के तहसीलदार राहुल सिंह, प्रतापगढ़ के तहसीलदार अनिल कुमार, लखनऊ के नायब तहसीलदार यजुवेन्द्र सिंह और सुखवीर सिंह, रायबरेली के नायब तहसीलदार रमाशंकर मिश्रा और लखनऊ के तहसीलदार शार्द सिंह शामिल हैं।
राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी आगे बढ़ाई जाएगी। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री (CM Yogi Adityanath) की ओर से राजस्व वादों के निस्तारण की समीक्षा के बाद दिए गए निर्देशों के अनुपालन में की गई है।
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