Gorakhpur News: कक्षा 4 के छात्र ने शिक्षिका की बनाई अश्लील तस्वीर, विद्यालय से किया गया निष्कासित
Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से बच्चों में मोबाइल की लत और उसके गंभीर दुष्परिणामों को उजागर करने वाला एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। शाहपुर थाना क्षेत्र निवासी 11 वर्षीय छात्र (कक्षा 4) अत्यधिक मोबाइल इस्तेमाल और अश्लील सामग्री (पोर्नोग्राफी) देखने का आदी हो गया। लत इस कदर बढ़ी कि छात्र ने अपने ही स्कूल की शिक्षिका की अश्लील तस्वीर और स्केच बना डाला। मामला उजागर होने पर स्कूल प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाते हुए छात्र को विद्यालय से निष्कासित कर दिया है।
ऑनलाइन कक्षाओं से शुरू हुई लत
परिजनों के अनुसार, कोविड काल के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बच्चे को स्मार्टफोन दिया गया था। धीरे-धीरे उसे मोबाइल की ऐसी लत लगी कि वह घंटों स्क्रीन पर बिताने लगा। मना करने पर वह चिड़चिड़ा और उग्र हो जाता था। परिजनों ने बताया कि वह मोबाइल लेकर बाथरूम में चला जाता था। हद तो तब हो गई जब उसने अपनी 7 साल की छोटी बहन के साथ भी आपत्तिजनक हरकत की, जिसके बाद परिजनों के होश उड़ गए।
मानसिक विकार का शिकार हुआ बच्चा, काउंसलिंग जारी
स्कूल से निकाले जाने और बच्चे के असामान्य व्यवहार को देखते हुए परिजनों ने उसे शाहपुर के प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ. अमित कुमार शाही को दिखाया। डॉक्टर के मुताबिक, बच्चा बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर नाम की मानसिक स्थिति से जूझ रहा है। इस स्थिति में बच्चे समय से पहले वयस्कों जैसी हरकतें करने लगते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सही इलाज, थेरेपी और निरंतर काउंसलिंग से बच्चे को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
बच्चों से दूर रखें स्मार्टफोन
मनोचिकित्सकों ने अभिभावकों को सतर्क करते हुए कहा है कि बच्चों को बिना निगरानी के स्मार्टफोन देना उनके मानसिक विकास के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है। बच्चों के स्क्रीन टाइम पर सख्त नियंत्रण रखने और उनके व्यवहार में किसी भी तरह का बदलाव दिखने पर तुरंत विशेषज्ञों की सलाह लेने की जरूरत है।
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