मायावती ने फिर बदला फैसला, दीपिका आउट, भतीजे ईशान आनंद को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

Lucknow News: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी के भावी नेतृत्व और अपने परिवार को लेकर एक बार फिर बड़ा फैसला लिया है। रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर की गई एक विस्तृत पोस्ट में मायावती ने स्पष्ट कर दिया कि अब उनके छोटे भतीजे ईशान आनंद को ही बीएसपी में सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने अपने बड़े भतीजे आकाश आनंद और लंदन में वकालत की पढ़ाई कर रही भतीजी दीपिका आनंद की पार्टी में वापसी या एंट्री की सभी संभावनाओं को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है।

दीपिका आनंद से ऑफर वापस लेने की बताई वजह

महज एक हफ्ते पहले मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार की मदद के लिए उनकी इकलौती बेटी दीपिका आनंद को आगे करने का संकेत दिया था। हालांकि, अपने ताजा बयान में उन्होंने यह ऑफर वापस लेते हुए वजह साफ की। मायावती ने कहा कि शादी के बाद आकाश आनंद की गतिविधियों और रवैये के कारण उन्हें पार्टी से अलग करना पड़ा था। उन्होंने अंदेशा जताया कि यदि भविष्य में दीपिका आनंद की शादी के बाद भी आकाश आनंद जैसी स्थिति उत्पन्न हुई, तो यह पार्टी के हित में नहीं होगा। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए अब दोनों (आकाश और दीपिका) को पार्टी से पूरी तरह दूर रखने का अंतिम फैसला किया गया है, जिसमें कोई फेरबदल नहीं होगा।

ईशान आनंद पर जताया भरोसा

मायावती ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि आनंद कुमार के परिवार से किसे आगे किया जाए और किसे नहीं, इसे लेकर वे पिछले कुछ समय से दुविधा में थीं। उन्होंने लिखा कि हर पहलू पर गंभीरता से विचार करने के बाद यह तय किया गया है कि अब केवल ईशान आनंद को ही जिम्मेदारी दी जाएगी। मायावती ने उम्मीद जताई कि ईशान के साथ आकाश या दीपिका जैसी स्थिति पैदा नहीं होगी, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि आगे तो कुछ भी नहीं कहा जा सकता।

राजनीति में सफल होना है तो रिश्तेदारों के मोह से दूर रहें

अपनी पोस्ट की शुरुआत में बसपा सुप्रीमो ने कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए संस्थापक कांशीराम के सिद्धांतों का स्मरण कराया। उन्होंने कहा, मान्यवर कांशीराम ने अपने जीवन में परिवार न बनाकर पूरा जीवन बहुजन समाज के कल्याण में समर्पित किया और रिश्तेदारों को राजनीतिक लाभ से दूर रखा। मायावती ने कहा कि एक महिला होने के नाते सुरक्षा और सहयोग के लिए उन्हें मजबूरी में अपने भाई आनंद कुमार को साथ रखना पड़ा, जो वर्षों से उनकी सेवा में कार्यरत हैं। मायावती ने अपनी तरह कार्यकर्ताओं को भी भाई-बहनों और रिश्तेदारों के मोह से ऊपर उठकर पूरी ईमानदारी व निष्ठा से पार्टी के लिए काम करने की सलाह दी।

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