राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में शिवसेना ने भाजपा पर बोला हमला, गजनी से भी आगे निकले हिंदुत्व के स्वघोषित चौकीदार
Sandesh Wahak Digital Desk: अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर शिवसेना (यूबीटी) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्र-राज्य सरकार पर करारा जुबानी हमला बोला है। अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में पार्टी ने इस घटनाक्रम को राष्ट्रीय अस्मिता पर गहरा कलंक बताते हुए आरोप लगाया कि हिंदुत्व के नाम पर सत्ता में आई पार्टी के संरक्षण में मंदिर का चढ़ावा लूटा गया है।
‘सामना’ में “भाजपा के गजनवियों ने राममंदिर 105 बार लूटा” शीर्षक से प्रकाशित संपादकीय में दावा किया गया है कि विशेष जांच दल (SIT) द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में सौंपी गई रिपोर्ट से इस बड़े घोटाले की पुष्टि हुई है। लेख में लिखा गया कि महमूद गजनवी ने भी इतनी बार मंदिरों को नहीं लूटा होगा, जितनी बार अयोध्या के राम मंदिर की दानपेटी में सेंध लगाई गई। शिवसेना (यूबीटी) का आरोप है कि इस मामले पर चर्चा से बचना ही सबसे बड़ा ‘रामद्रोह’ है।
सीएम देवेंद्र फडणवीस और संघ पर भी साधा निशाना
संपादकीय में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रुख पर कड़ा एतराज जताया गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि जब विरोधियों और शिवसेना ने ‘रामरक्षा’ आंदोलन के जरिए इस मुद्दे को उठाया, तो इसे ‘हिंदुत्व को बदनाम करने की साजिश’ बताकर खारिज करने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयानों का जिक्र करते हुए कहा गया कि सत्ता में बैठे लोग चोरी पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अदालती प्रक्रिया और एसआईटी रिपोर्ट के बाद अब सब उजागर हो चुका है।
शिवसेना (यूबीटी) ने यह भी अंदेशा जताया कि यदि संसद और सड़कों पर इस मुद्दे को न उठाया जाता, तो यह अनियमितता जारी रहती। पार्टी ने राम मंदिर ट्रस्ट पर जमीनों के सौदों में भी बड़े पैमाने पर घोटाले के आरोप लगाए और कहा कि इस पूरी व्यवस्था में शामिल लाभार्थी सत्ताधारी पार्टी से ही जुड़े लोग हैं।
Also Read: लखनऊ में शादी का झांसा देकर युवती को फंसाया, फिर ट्रेडिंग के नाम पर ऐंठे 18.76 लाख

