यूरोप में प्रदर्शन ने लिया हिंसक रूप, फ्रांस में हजारों गिरफ्तार, स्पेन में लूटपाट, अल्बानिया में आगजनी
Europe Protests: यूरोप के कई देशों में सरकारों के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं। फ्रांस, स्पेन और अल्बानिया में लोग महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरे। कई जगह पुलिस से झड़पें हुईं, दुकानों में लूटपाट हुई और सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया।
यूरोन्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस में करीब 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि लगभग 1,000 सुरक्षाकर्मी घायल हुए। अलग-अलग रिपोर्टों में गिरफ्तारियों और घायलों के आंकड़े अलग हैं।
अल्बानिया में सरकारी इमारतों पर हमला, PM के इस्तीफे की मांग
रॉयटर्स के मुताबिक, शनिवार को राजधानी तिराना में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके और कृषि मंत्रालय के दरवाजे पर आग लगा दी। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस, पानी की बौछारों और रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया।
प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री एदी रामा (Edi Rama) के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। भ्रष्टाचार, नौकरियों की कमी और शिक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी के बीच छात्रों के नेतृत्व में शुरू हुआ आंदोलन दूसरे शहरों तक फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों और बैंकों में आग लगाई तथा दुकानों की खिड़कियां तोड़ीं।
28 वर्षीय प्रदर्शनकारी डेनियल ताहिरी ने कहा, “अल्बानिया के लोग अब जाग गए हैं।” वहीं, 29 वर्षीय ओर्गेटा लिकाज ने कहा कि भ्रष्टाचार और घोटालों के कारण लोग प्रधानमंत्री को सत्ता में नहीं देखना चाहते। वर्ष 2013 से सत्ता में काबिज रामा के लिए यह विरोध बड़ी चुनौती बन गया है।
स्पेन में दुकानों में लूटपाट, फ्रांस में हजारों गिरफ्तार

स्पेन के बार्सिलोना (Barcelona) में सत्ता-विरोधी प्रदर्शन के दौरान नकाबपोश लोगों ने दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट की। सड़क पर रखे सामान में आग भी लगाई गई। कैटालोनिया की गृह मंत्री नूरिया पार्लोन के मुताबिक, करीब 100 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें लगभग एक चौथाई नाबालिग थे। शहर में 30 से अधिक जगह आग लगने और 14 दुकानों में तोड़फोड़ या लूटपाट की जानकारी दी गई।
फ्रांस में महंगाई और स्कूलों के लिए फंड की मांग को लेकर प्रदर्शन (France Protest) हुए। गृह मंत्रालय के अनुसार, देशभर में करीब 4.10 लाख लोग शामिल हुए, जिनमें 1.10 लाख पेरिस में थे। वहीं, प्रदर्शन में मदद करने वाली CGT यूनियन ने देशभर में 8 लाख और पेरिस में 2.50 लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया।
पेरिस में मार्च शुरुआत में शांतिपूर्ण रहा, लेकिन बाद में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें शुरू हो गईं। नकाबपोश लोगों ने पुलिस पर आतिशबाजी की, जिसके जवाब में आंसू गैस, साउंड ग्रेनेड और वॉटर कैनन का इस्तेमाल हुआ। मार्सिले, ल्योन, लिले, बोर्डो, टूलूज़, मोंटपेलियर और नैनटेस में भी पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी।
प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए फ्रांस में 70 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। इससे पहले हुए विरोध प्रदर्शनों में भी बड़े पैमाने पर लूटपाट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा था।
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