फैटी लिवर बिना दवा के ठीक हो सकता है? जानें डाइट में क्या बदलें और कितना जरूरी है व्यायाम

Weight Loss for Fatty Liver: फैटी लिवर का पता चलने पर कई लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या बिना दवा खाए इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है? इसका जवाब है- कई मामलों में जीवनशैली में सुधार से लिवर में जमा फैट कम किया जा सकता है। हालांकि, हर मरीज के लिए सिर्फ खानपान और व्यायाम पर्याप्त नहीं होते।

फैटी लिवर में लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा वसा जमा होने लगती है। इसे अब अक्सर मेटाबॉलिक डिस्फंक्शन से जुड़ी स्टीटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) कहा जाता है। पहले इसे नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) के नाम से जाना जाता था। कुछ मरीजों में यह बीमारी बढ़कर लिवर में सूजन, निशान यानी फाइब्रोसिस और गंभीर स्थिति में सिरोसिस तक पहुंच सकती है।  

क्या फैटी लिवर के हर मरीज को दवा की जरूरत होती है?

हर मरीज को लिवर के लिए अलग दवा देने की जरूरत नहीं होती। शुरुआती अवस्था में, जब लिवर में फैट जमा हो लेकिन गंभीर सूजन या फाइब्रोसिस न हो, तब वजन नियंत्रित करना, संतुलित भोजन करना और नियमित व्यायाम करना उपचार का अहम हिस्सा हो सकता है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सभी मरीज बिना दवा के ठीक हो जाएंगे। टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं के लिए दवाओं की जरूरत हो सकती है। कुछ मरीजों में लिवर की बीमारी की गंभीरता के अनुसार विशेष उपचार भी जरूरी हो सकता है।

इसलिए केवल अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में फैट दिखने के आधार पर इलाज बंद करना या घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना सही नहीं है। डॉक्टर जांच के आधार पर तय करते हैं कि मरीज को किस तरह के उपचार और निगरानी की जरूरत है। 

वजन घटाने से लिवर में जमा फैट कैसे कम होता है?

जिन लोगों का वजन अधिक है या पेट के आसपास ज्यादा चर्बी जमा है, उनके लिए धीरे-धीरे वजन कम करना फायदेमंद हो सकता है। शरीर में इंसुलिन की संवेदनशीलता बेहतर होने और अतिरिक्त चर्बी कम होने से लिवर में फैट जमा होने की प्रक्रिया पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज (NIDDK) के अनुसार, अधिक वजन वाले लोगों में शरीर का लगभग 3 से 5 प्रतिशत वजन कम करने से लिवर में जमा फैट घट सकता है। वहीं, लिवर की सूजन और फाइब्रोसिस में सुधार के लिए कुछ मरीजों को 7 से 10 प्रतिशत तक वजन कम करने की जरूरत पड़ सकती है।  

हालांकि, वजन घटाने का लक्ष्य हर व्यक्ति के लिए एक जैसा नहीं होता। तेजी से वजन कम करना, लंबे समय तक भूखे रहना या क्रैश डाइट अपनाना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए संतुलित भोजन और नियमित शारीरिक गतिविधि के जरिए धीरे-धीरे वजन कम करना बेहतर है।

फैटी लिवर में क्या खाना चाहिए और किन चीजों से बचें?

फैटी लिवर को नियंत्रित करने के लिए सिर्फ खाने की मात्रा कम करना ही जरूरी नहीं है, बल्कि भोजन में सही चीजें चुनना भी महत्वपूर्ण है।

इन बदलावों से मदद मिल सकती है:

  • मीठे पेय कम करें: सोडा, पैकेट वाले जूस, मीठी चाय-कॉफी और ज्यादा चीनी वाले पेय का सेवन सीमित करें।
  • मैदा और अत्यधिक प्रसंस्कृत भोजन घटाएं: सफेद ब्रेड, पैकेट वाले नमकीन और दूसरे ऐसे खाद्य पदार्थ कम खाएं।
  • साबुत अनाज और दालें चुनें: भोजन में साबुत अनाज, दालें और सब्जियां शामिल करें।
  • साबुत फल खाएं: फलों के रस के बजाय साबुत फल को प्राथमिकता दें।
  • प्रोटीन और मेवे शामिल करें: अपनी जरूरत के अनुसार प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ और मेवे खाएं।

अधिक चीनी और कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ वजन बढ़ाने में योगदान दे सकते हैं। इसलिए संतुलित आहार और खाने की मात्रा पर ध्यान देना लिवर की सेहत के लिए उपयोगी है।  

रोज कितना व्यायाम करना चाहिए?

नियमित व्यायाम लिवर में जमा फैट कम करने और शरीर में इंसुलिन की संवेदनशीलता बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। इसका फायदा केवल वजन घटने तक सीमित नहीं है। कुछ लोगों में वजन में बड़ा बदलाव आए बिना भी शारीरिक गतिविधि से लिवर और शरीर के मेटाबॉलिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है।

शुरुआत में तेज चलना, साइकिल चलाना या तैरना जैसे व्यायाम किए जा सकते हैं। वयस्कों के लिए सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि एक उपयोगी लक्ष्य हो सकता है। अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे व्यायाम की अवधि बढ़ाना बेहतर है। 

यदि पहले से कोई बीमारी है, जोड़ों में दर्द रहता है या लंबे समय से व्यायाम नहीं किया है, तो शुरुआत करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

क्या फैटी लिवर में शराब पूरी तरह छोड़नी चाहिए?

फैटी लिवर की स्थिति में शराब के सेवन पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। शराब लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है और बीमारी को गंभीर बनाने में योगदान दे सकती है। इसलिए डॉक्टर को शराब पीने की मात्रा और आदत के बारे में सही जानकारी देना महत्वपूर्ण है।

लिवर में गंभीर फाइब्रोसिस या सिरोसिस होने पर शराब पूरी तरह छोड़ना जरूरी है। अन्य मरीजों को भी डॉक्टर की सलाह के अनुसार शराब से दूरी बनानी चाहिए। केवल शराब छोड़ देने से हर तरह का फैटी लिवर अपने आप ठीक हो जाएगा, ऐसा नहीं कहा जा सकता।  

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