जामिया में 20 साल बाद होंगे छात्रसंघ चुनाव, प्रदर्शन और भूख हड़ताल के बाद प्रशासन का बड़ा ऐलान

Jamia Student Union Elections: दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) यूनिवर्सिटी में करीब दो दशक बाद छात्रसंघ चुनाव का रास्ता खुल गया है। छात्रसंघ बहाल करने की मांग को लेकर छात्रों के प्रदर्शन और भूख हड़ताल के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव कराने का ऐलान किया है।

प्रशासन के आदेश के मुताबिक, छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे। हालांकि, संविधान को मंजूरी देने की तारीख अभी तय नहीं होने से चुनाव की निश्चित तारीख स्पष्ट नहीं है।

प्रदर्शन के बीच ऑनलाइन क्लास का फैसला भी

जामिया में छात्रसंघ चुनाव (Jamia Student Union Elections) कराने की मांग लंबे समय से उठ रही थी। हाल के दिनों में छात्रों ने इसके लिए धरना दिया और भूख हड़ताल भी की। 24 अक्टूबर को प्रदर्शन के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला देते हुए सभी कोर्स की ऑफलाइन कक्षाएं अगले आदेश तक ऑनलाइन करने का फैसला लिया था।

इसके विरोध में 25 अक्टूबर को भी छात्र कैंपस के गेट नंबर 7 के बाहर जुटे। छात्र ऑनलाइन कक्षाओं के फैसले का विरोध करने के साथ छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग भी उठा रहे थे। इसी घटनाक्रम के बीच सोमवार को प्रशासन की ओर से चुनाव कराने की घोषणा की गई।

2006 में भंग हुआ था छात्रसंघ

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में वर्ष 2006 में विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रसंघ को भंग कर दिया था। इसके बाद से ही छात्र निर्वाचित छात्रसंघ की बहाली और चुनाव कराने की मांग करते रहे हैं।

छात्रों का कहना है कि निर्वाचित छात्रसंघ के जरिए वे अपनी समस्याओं और मांगों को विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने लोकतांत्रिक तरीके से रख सकते हैं। अब प्रशासन ने चुनाव कराने का ऐलान तो कर दिया है, लेकिन इसकी प्रक्रिया छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी मिलने पर निर्भर करेगी।

करीब 20 साल बाद चुनाव (Jamia Student Union Elections) की घोषणा को छात्रसंघ की बहाली की मांग की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब सबकी नजर संविधान को मंजूरी मिलने और चुनाव की तारीख घोषित होने पर है।

Also Read: खरगे के बयान पर सियासी घमासान, पटना में शिकायत दर्ज, BJP का देशभर में प्रदर्शन का ऐलान

Get real time updates directly on you device, subscribe now.