नोएल टाटा ने एन. चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति को दी चुनौती, बोर्ड की पारदर्शिता पर उठाए सवाल

Sandesh Wahak Digital Desk: टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में नेतृत्व और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। नोएल टाटा ने कंपनी के कार्यकारी चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के अगले पाँच साल (21 फरवरी 2027 से) के लिए हुए पुनर्निर्वाचन को चुनौती दी है। उनका आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में कॉर्पोरेट गवर्नेंस और नियमों की अनदेखी की गई है। कंपनी सचिव सुप्रकाश मुखोपाध्याय को लिखे गए पत्र में उन्होंने प्रक्रियागत खामियों का जिक्र करते हुए सात दिनों के भीतर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और स्पष्टीकरण माँगे हैं।

नोएल टाटा का मुख्य आरोप है कि बोर्ड बैठक के मूल और संशोधित एजेंडे में कार्यकारी चेयरमैन की पुनर्नियुक्ति से जुड़े प्रस्ताव का स्पष्ट रूप से जिक्र नहीं था। एजेंडे के बिंदु (आइटम-7) को केवल नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति (NRC) की रिपोर्ट के रूप में दिखाया गया था, लेकिन इसी आड़ में पुनर्नियुक्ति का प्रस्ताव पारित करा लिया गया। इसके अलावा, उन्होंने टाटा संस के ‘आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन’ का हवाला देते हुए सवाल उठाया है कि चेयरमैन के चयन के लिए अनिवार्य चयन समिति का गठन क्यों नहीं किया गया और आवश्यक निदेशकों की सहमति की प्रक्रिया क्यों छोड़ी गई।

हितों के टकराव और व्यावसायिक संबंधों पर सवाल

इस विवाद में हितों के टकराव का मुद्दा भी गरमाया है। नोएल टाटा ने नो वन वेयरहाउसिंग नामक कंपनी का हवाला देते हुए पूछा है कि क्या एन. चंद्रशेखरन के परिवार (पत्नी और पुत्र) के इस कंपनी से जुड़े व्यावसायिक संबंधों की जानकारी बोर्ड को पहले दी गई थी। साथ ही, उन्होंने टीवीएस मोटर के वेणु श्रीनिवासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं, जो NRC के सदस्य हैं और जिन्होंने कथित तौर पर इन मामलों पर चर्चा और मतदान में हिस्सा लिया था। विवाद बढ़ने के साथ ही नोएल टाटा ने 17 सितंबर की बोर्ड बैठक की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, मिनट्स और पूरा ऑडिट ट्रेल उपलब्ध कराने की माँग की है। फिलहाल टाटा संस की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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