सपा मुख्यालय में मनी सरदार पटेल और आचार्य नरेंद्र देव की जयंती, अखिलेश ने दी श्रद्धांजलि
Samajwadi Party: समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय समेत उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में शनिवार को भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल और समाजवादी चिंतक व स्वतंत्रता सेनानी आचार्य नरेंद्र देव की जयंती मनाई गई। लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय के लोहिया सभागार में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।
इस मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरदार पटेल ने देश की रियासतों का भारत में विलय कराकर राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्होंने किसानों के हितों के लिए भी संघर्ष किया।

अखिलेश ने कहा कि आचार्य नरेंद्र देव और सरदार पटेल के विचारों में समाजवादी सोच दिखाई देती है। उन्होंने सरदार पटेल को ‘साइलेंट सोशलिस्ट’ बताते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी उनके विचारों और जनसेवा की परंपरा से प्रेरणा लेती है।
अखिलेश ने भाजपा सरकार पर लगाए विकास और कानून-व्यवस्था को लेकर आरोप
सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों में उत्तर प्रदेश विकास के अलग-अलग क्षेत्रों में पिछड़ गया है। उन्होंने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी सरकार की आलोचना की।
अखिलेश यादव ने कहा कि जनता भाजपा सरकार के कामकाज से असंतुष्ट है। विधान परिषद चुनाव में वाराणसी के नतीजों का जिक्र करते हुए उन्होंने भाजपा की हार का दावा भी किया। कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ता अर्पित वर्मा ने अखिलेश यादव को ‘पटेल: द साइलेंट सोशलिस्ट’ पुस्तक भेंट की।

इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी, सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, राष्ट्रीय महासचिव राम अचल राजभर, विधायक रविदास मेहरोत्रा, अरविंद कुमार सिंह, कनक लता सिंह, विधायक सुरेश यादव और पूर्व मंत्री रामकरन आर्य समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भाजपा पर जातिवाद और समाज में खाई पैदा करने का आरोप
अखिलेश यादव ने भाजपा पर जातिवाद और सामाजिक विभाजन की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जिनकी राजनीति एक जाति के विरोध पर आधारित है, वे ही जातिवाद की बात कर रहे हैं।
सपा अध्यक्ष के मुताबिक, भाजपा की राजनीति समाज में खाई पैदा करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों की ओर से जातीय दंभ दिखाना राष्ट्रीय एकता के लिए चुनौती है। अखिलेश ने कहा कि सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देने वाली सोच से समाज में एकता मजबूत नहीं हो सकती।
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