यूपी में सभी कंप्यूटर सहायकों की ECINET आईडी होंगी बंद, पीलीभीत मामले के बाद फैसला
UP News: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से जुड़े कामों में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने ECINET पोर्टल पर कंप्यूटर सहायकों यानी मतदाता पंजीकरण केंद्र के ऑपरेटरों को दी गई सभी लॉग-इन आईडी तत्काल प्रभाव से निष्क्रिय करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश प्रदेश के सभी जिलों में लागू होगा।
निर्देश के मुताबिक, जिला निर्वाचन अधिकारी अपने जिले के सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) के माध्यम से विधानसभा क्षेत्रों में तैनात कंप्यूटर सहायकों की लॉग-इन आईडी बंद कराएंगे। इसके बाद संबंधित ERO से कार्रवाई की पुष्टि भी प्राप्त करेंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारियों को खुद भी इस कार्रवाई का सत्यापन करना होगा। इसके बाद अनुपालन रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजनी होगी।
पीलीभीत में आईडी के दुरुपयोग की शिकायत पर कार्रवाई
चुनाव आयोग ने यह फैसला पीलीभीत जिले से ECINET पोर्टल पर लॉग-इन आईडी के दुरुपयोग से जुड़ी शिकायतें और सूचनाएं मिलने के बाद लिया है। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 127-पीलीभीत के मामले में शामिल आउटसोर्स कंप्यूटर सहायक की सेवा तत्काल समाप्त करने का निर्देश संबंधित फर्म को दिया गया है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची से जुड़े कामों की शुचिता, सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशों का सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर तत्काल पालन करने को कहा गया है। आयोग ने यह भी साफ किया है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पीलीभीत में दो पूर्व SDM निलंबित, कई कर्मचारियों पर FIR
दरअसल, पीलीभीत में मतदाता सूची में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। इस मामले में SDM स्तर के दो अधिकारियों को निलंबित किया गया था। इनमें पूरनपुर के पूर्व SDM मयंक गोस्वामी और अमरिया के पूर्व SDM हेमंत चौधरी शामिल हैं। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात भी कही गई थी।
वहीं, आजमगढ़ के विकास यादव का नाम मतदाता सूची में 11 बार दर्ज होने का मामला सामने आने पर चुनाव आयोग ने सख्त कदम उठाए थे। इस प्रकरण में एक कंप्यूटर सहायक और पांच बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को मतदान संबंधी काम से हटा दिया गया। ये सभी संविदा कर्मचारी थे और उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
इसके अलावा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO), यानी SDM और दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात कही गई थी। ERO, दोनों AERO, कंप्यूटर सहायक और पांच BLO के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई गई थी।
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