आजम खां को सुप्रीम कोर्ट से झटका, ED की गिरफ्तारी पर तुरंत सुनवाई से इनकार
Azam Khan Supreme Court: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद रामपुर जेल से बाहर आते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। अब ईडी की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया है।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने आजम खां के वकील निजाम पाशा की दलीलों पर विचार किया। पीठ ने याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने से मना कर दिया। हालांकि, प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि इस याचिका पर इसी सप्ताह सुनवाई हो सकती है।
रामपुर जेल से रिहाई के बाद ED ने किया था गिरफ्तार
आजम खां को शनिवार शाम रामपुर जेल से रिहाई मिली थी। जेल के गेट पर ही ईडी की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और अपने साथ गाजियाबाद ले गई। रविवार को गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेशी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद आजम खां को डासना जेल भेज दिया गया।
आजम खां के वकील निजाम पाशा ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जौहर ट्रस्ट से जुड़े धनशोधन मामले में उनके मुवक्किल को गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश किया गया था। अब उनकी रिमांड कस्टडी को लेकर सुनवाई हो सकती है।
ईडी ने उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से आजम खां और उनके कथित सहयोगियों के खिलाफ दर्ज 58 प्राथमिकी के आधार पर धनशोधन का मामला दर्ज किया है। इस मामले में सपा नेता के साथ अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
जौहर यूनिवर्सिटी की 1,170 करोड़ की संपत्तियां कुर्क
ईडी ने 28 अक्टूबर को बताया था कि धनशोधन रोकथाम कानून (PMLA) के तहत रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को कुर्क किया गया है। एजेंसी के मुताबिक, इन संपत्तियों का मौजूदा बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये है।
ईडी का आरोप है कि सार्वजनिक कार्यों के लिए आवंटित सरकारी धन का इस्तेमाल निजी विश्वविद्यालय के निर्माण में किया गया। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि आजम खां ने उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री और उत्तर प्रदेश जल निगम में अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर कथित अनियमितताओं को अंजाम देने में मदद की।
यूनिवर्सिटी की 38 इमारतें गिराने का आदेश
इस मामले में रामपुर विकास प्राधिकरण ने जुलाई में विश्वविद्यालय परिसर की 38 इमारतों को गिराने का आदेश दिया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी।
ईडी ने अगस्त में इस मामले में छापेमारी की थी और आजम खां से पूछताछ भी की थी। आजम खां के खिलाफ कई अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।
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