राहुल गांधी की रैली से नदारद रहने वाले पदाधिकारियों पर तगड़ा एक्शन, यूथ कांग्रेस ने 200 नेताओं को किया निलंबित
Sandesh Wahak Digital Desk: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दिल्ली स्थित रामलीला मैदान में हुई ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली से अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारियों पर भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) ने सख्त कदम उठाया है। अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए अब तक करीब 200 पदाधिकारियों को पद से निलंबित कर दिया गया है। एनडीटीवी के पास उपलब्ध सस्पेंशन लेटर के अनुसार, देश के 7 राज्यों में 185 से अधिक नेताओं पर यह कार्रवाई की जा चुकी है, जिनमें प्रदेश उपाध्यक्ष, महासचिव से लेकर जिलाध्यक्ष स्तर तक के पदाधिकारी शामिल हैं।
राज्यवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा कार्रवाई मध्य प्रदेश और गुजरात में हुई है-
मध्य प्रदेश: 60 पदाधिकारी
गुजरात: 49 पदाधिकारी
पश्चिम बंगाल: 26 पदाधिकारी
तेलंगाना: 14 पदाधिकारी
हिमाचल प्रदेश: 13 पदाधिकारी
यूपी (मध्य): 13 पदाधिकारी
हरियाणा: 10 पदाधिकारी
युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने इस कार्रवाई पर अपना रुख साफ करते हुए कहा कि रैली में अधिकांश पदाधिकारी मौजूद थे, लेकिन जो बिना किसी जायज वजह के अनुपस्थित रहे, उन पर कार्रवाई आवश्यक थी। उन्होंने कहा, राहुल गांधी के आह्वान पर आज आम युवा सड़कों पर उतर रहा है, ऐसे माहौल में पार्टी का कोई भी पदाधिकारी घर पर नहीं बैठ सकता। सभी हमारे परिवार का हिस्सा हैं और यदि किसी के पास अनुपस्थिति का कोई वैध कारण है, तो समीक्षा के बाद उन्हें बहाल कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई संगठन में अनुशासन और नेतृत्व के प्रति जवाबदेही तय करने का सीधा संदेश है।
वोट बचाओ रैली में राहुल का आक्रामक रुख और डिजिटल हाजिरी का पेंच
गौरतलब है कि 1 नवंबर को विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की ओर से आयोजित इस रैली में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर ‘वोट चोरी’ का सीधा आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला था। यूथ कांग्रेस ने इस कार्यक्रम के लिए सभी पदाधिकारियों की डिजिटल निगरानी व्यवस्था की थी, जिसके तहत मिंटो रोड पर बारकोड स्कैनर लगाए गए थे और ‘With IYC’ ऐप के जरिए चेक-इन अनिवार्य किया गया था। हालांकि, सस्पेंड किए गए कई नेताओं का तर्क है कि कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान के बीच इंटरनेट सेवा धीमी होने के कारण वे ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा सके। फिलहाल, संगठन समीक्षा बैठकों के जरिए आंकड़ों की दोबारा जांच कर रहा है।
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