विश्व हिंदू रक्षा परिषद 6 दिसंबर को मथुरा में मनाएगी शौर्य दिवस, UP चुनाव में सभी 403 सीटों पर उतारेगी प्रत्याशी
Lucknow News: विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने लखनऊ स्थित केंद्रीय कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए संगठन की भावी योजनाओं का खुलासा किया। उन्होंने घोषणा की कि परिषद के लगभग 10 हजार कार्यकर्ता आगामी 5 दिसंबर को मथुरा के लिए प्रस्थान करेंगे और 6 दिसंबर को श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य शौर्य दिवस का आयोजन करेंगे।
इसके साथ ही, आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने पार्टी का रुख साफ करते हुए कहा कि विश्व हिंदू रक्षा परिषद प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर कट्टर सनातनी विचारधारा से जुड़े उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारेगी। संगठन अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी और प्रभाव को मजबूत करने के लिए जल्द ही विस्तृत रणनीति तैयार करेगा।
सुरक्षा हटाने पर भड़के गोपाल राय
प्रेस वार्ता के दौरान श्री गोपाल राय ने अपनी सुरक्षा वापस लिए जाने के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने बताया कि पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के कहने पर उन्होंने कई दलों के साथ भाजपा को बिना शर्त समर्थन दिया था। इसके बावजूद, समर्थन के महज एक महीने बाद ही उनके दोनों सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया गया।
गोपाल राय ने सवाल उठाया कि जब उन्हें समाजवादी पार्टी की सरकार में भी (बिना समर्थन के) पिछले 20 वर्षों से सुरक्षा मिलती आ रही थी, तो फिर 2019 में भाजपा को समर्थन देने के बाद किस आधार पर सुरक्षा समाप्त की गई? उन्होंने दावा किया कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और उनकी जान को गंभीर खतरा बना हुआ है।
मुस्लिम परिवार ने अपनाया सनातन धर्म
प्रेस वार्ता के दौरान बिजनौर जिले के थाना मंडावर स्थित ग्राम मोहीउद्दीनपुर निवासी एक मुस्लिम परिवार की ‘घर वापसी’ कराई गई। अध्यक्ष गोपाल राय के नेतृत्व में केंद्रीय कार्यालय में वैदिक विधि-विधान के साथ मोहम्मद दिलशाद ‘राजीव शर्मा’ बने, उनकी पत्नी रेहाना ने ‘रितु’ और बेटी खुशी ने ‘अनन्या’ नाम अपनाकर हिंदू धर्म स्वीकार किया।
UGC के नियमों को बताया काला कानून
इसके अलावा गोपाल राय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के हालिया नियमों और नीतियों का कड़ा विरोध करते हुए केंद्र सरकार से इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने इसे ‘काला कानून’ करार देते हुए कहा कि सरकार को इस पर पुनर्विचार कर इसे पूरी तरह रद्द करना चाहिए।

