वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल पाकिस्तान को चेताया, बोले- कोई भी लक्ष्य पहुंच से बाहर नहीं

Sandesh Wahak Digital Desk: वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रविवार को ऑपरेशन सिंदूर को लेकर खुलकर बात की और दुश्मन देश पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी मोर्चे पर 1200 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में और 200 किलोमीटर भीतर तक भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए सटीक हमलों ने यह साबित कर दिया है कि भारत के लिए कोई भी लक्ष्य पहुंच से बाहर नहीं है।

पीटीआई को दिए गए अपने इंटरव्यू में वायुसेना प्रमुख ने बताया कि यह अभियान वायुसेना के क्षमता-केंद्रित दृष्टिकोण की पुष्टि करता है। इस ऑपरेशन ने किसी भी संकट के समय सबसे पहले कार्रवाई करने वाली शक्ति और दुश्मन को हमला करने से रोकने की प्रभावी सैन्य क्षमता के रूप में वायुसेना की निर्णायक भूमिका को एक बार फिर सिद्ध किया है।

क्षमताओं का निरंतर विस्तार और रणनीतिक लचीलापन

अपनी क्षमताओं की सराहना करने के बावजूद वायुसेना प्रमुख ने आगाह किया कि इसका अर्थ यह नहीं है कि वायुसेना अब रुक जाए। उन्होंने कहा, हमें अपनी क्षमताओं को और मजबूत करने तथा उनका विस्तार करने की जरूरत है।

चार दिन तक इस अभियान की कमान संभालने वाले एयर चीफ मार्शल सिंह ने सैन्य सीख के बारे में कहा कि यह सबसे अहम है कि हमेशा कई विकल्प तैयार रखे जाएं और दुश्मन द्वारा रणनीति बदलने पर तेजी से खुद को ढालने की क्षमता बनाए रखी जाए। एक क्षमता-केंद्रित बल किसी एक साधन पर निर्भर रहने के बजाय कई तरह के साधनों का उपयोग करता है। इसी लचीलेपन के कारण भारत जरूरत के अनुसार जवाबी कार्रवाई तय कर पाया और संघर्ष को बढ़ने से रोकने में सफल रहा।

पाकिस्तान और पीओके में की गई साहसिक कार्रवाई

पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के तहत पिछले साल मई में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों (PoK) में स्थित आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाते हुए सटीक हमले किए थे। यह 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के बाद से भारत की तरफ से की गई सबसे साहसिक सीमा पार सैन्य कार्रवाई थी।

वायुसेना प्रमुख ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया है कि हमने जो रास्ता चुना है, वह सही है। हम और भी अधिक दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे ताकि यदि देश को फिर जरूरत पड़े, तो भारतीय वायुसेना और अधिक तेजी, सटीकता और निर्णायक ढंग से देश की शर्तों पर कार्रवाई कर सके।

इस दौरान वायुसेना प्रमुख ने गर्व से बताया कि स्वदेश में विकसित कुछ हथियार प्रणालियों ने बेहद शानदार प्रदर्शन किया और दुश्मन के इलाके में भीतर तक जाकर भारी नुकसान पहुंचाया। साथ ही, पूरे अभियान के दौरान वायुसेना ने अपनी इस प्रतिबद्धता को भी पूरी तरह निभाया कि किसी भी अन्य निर्दोष व्यक्ति या संपत्ति को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर मुख्य रूप से वायुसेना के उस दृष्टिकोण की पुष्टि था जिसके तहत अब अलग-अलग विमानों या हथियारों के बजाय समग्र क्षमता पर विचार किया जाता है, जिसमें हर विमान, सेंसर, हथियार और नेटवर्क को एकीकृत किया गया है।

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