UP में मानसून फिर होगा आक्रामक, 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट, इन जिलों में जलभराव और बाढ़ का खतरा

UP Rain Update: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी (UP Rain Alert) जारी की है। पूर्वी और पश्चिमी दोनों उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। विभाग का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी द्रोणी के कारण बारिश की गतिविधियां तेज होंगी।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिणी गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश के आसपास भी एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने से उत्तर प्रदेश, खासकर दक्षिणी जिलों में मानसून और मजबूत होगा। इसके चलते कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

किस दिन किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट?

UP Rain Alert: मौसम विभाग ने अलग-अलग दिनों के लिए कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

  • 7 अगस्त: शामली, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, अमरोहा, संभल, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर।
  • 8 अगस्त: सोनभद्र और मिर्जापुर।
  • 9 अगस्त: बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, सहारनपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर।
  • 10 अगस्त: बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, सहारनपुर, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर।
  • 11 अगस्त: आगरा, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर।

कई जिलों में झमाझम बारिश, संभल सबसे आगे

पिछले 24 घंटे में संभल के गुन्नौर में सबसे अधिक 134 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो भारी से बहुत भारी बारिश की श्रेणी में रही। इसके अलावा नरौरा (110.4 मिमी), राठ (93 मिमी), कालपी (86.8 मिमी), खेकड़ा (84 मिमी), फिरोजाबाद (76 मिमी), चरखारी (74 मिमी), फतेहगढ़ (68.2 मिमी), जानसठ (67.6 मिमी) और कायमगंज (65.3 मिमी) में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई।

नदियों के उफान और फसलों को नुकसान की आशंका

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों और अंडरपास में जलभराव हो सकता है। कच्चे और अस्थायी मकानों को नुकसान, बिजली आपूर्ति बाधित होने और सड़क यातायात प्रभावित होने की भी आशंका है। मौसमी नालों और नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए लोगों को बाढ़ संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

किसानों को भी खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने, भारी बारिश के दौरान उर्वरक और रसायनों का प्रयोग न करने तथा तैयार सब्जियों और फसलों की समय रहते कटाई करने की सलाह दी गई है।

UP में अब तक 331.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि तक 409 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। यानी उत्तर प्रदेश में अब तक सामान्य से 19 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह कमी करीब 8 प्रतिशत है।

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