मोदी जी, E20 शांति से वापस ले लीजिए, केजरीवाल बोले- नहीं तो जनता खुद हटवा देगी
Arvind Kejriwal: नीट पेपर लीक आंदोलन के समर्थन के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अब E20 पेट्रोल के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार E20 पेट्रोल को जबरन लागू कर रही है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने 29 ऑटोमोबाइल कंपनियों से पूछा था कि क्या 2023 से पहले बनी गाड़ियों में E20 पेट्रोल का इस्तेमाल पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन किसी भी कंपनी ने उन्हें लिखित जवाब नहीं दिया।
ऑटो कंपनियों पर दबाव का लगाया आरोप
केजरीवाल ने कहा कि 9 कंपनियों के अधिकारियों से उनकी फोन पर बातचीत हुई। उनके मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि यदि वे E20 के नुकसान के बारे में सार्वजनिक रूप से बोलेंगे तो सरकार की ओर से कार्रवाई का डर है। केजरीवाल का दावा है कि कंपनियों ने कहा कि E20 से पुरानी गाड़ियों पर असर पड़ सकता है और माइलेज भी कम हो सकता है, लेकिन वे इसे लिखित में नहीं दे सकते। उन्होंने सवाल उठाया कि देश में 2023 से पहले की करीब 30 करोड़ गाड़ियां हैं, फिर सरकार इस नीति को लागू करने पर इतनी जोर क्यों दे रही है।
टाउनहॉल रोकने और पुलिस दबाव का भी आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि E20 के विरोध में शनिवार को प्रस्तावित उनके टाउनहॉल कार्यक्रम को रोकने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि दिल्ली पुलिस ने कांस्टीट्यूशन क्लब से बुकिंग रद्द कराने का प्रयास किया और बाद में सौरभ भारद्वाज से कार्यक्रम की अनुमति लेने को कहा। केजरीवाल ने कहा कि इनडोर कार्यक्रम के लिए अनुमति की जरूरत नहीं होती और वह पुलिस से अनुमति नहीं लेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि सरकार E20 नीति को शांति से वापस ले, अन्यथा जनता इसे वापस करवाएगी। फिलहाल केंद्र सरकार या ऑटोमोबाइल कंपनियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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