उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन से चारधाम यात्रा स्थगित, बद्रीनाथ व केदारनाथ हाईवे ठप
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में जारी मूसलाधार बारिश और दरकती पहाड़ियों ने विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा को फिलहाल स्थगित रखने का फैसला किया है। बुधवार को भानेरपानी के समीप पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा ढहकर सड़क पर आने से बद्रीनाथ नेशनल हाईवे पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी है।
केदारनाथ मार्ग पर भी संकट
केदारनाथ को जोड़ने वाला मुख्य राजमार्ग भी बारिश के चलते मुंकटिया इलाके में पहाड़ी से गिरे मलबे और विशाल चट्टानों के कारण बंद हो गया है। भारी बुलडोजर और जेसीबी मशीनों के जरिए मलबे को साफ कर रास्ता खोलने का काम तेजी से किया जा रहा है। रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने जानकारी दी कि मुंकटिया का क्षेत्र अत्यधिक संवेदनशील है, जहां बार-बार लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है। सुरक्षा बलों की निगरानी में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों से निकाला जा रहा है।
अब तक 45 लाख से ज्यादा श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन
खराब मौसम और भूस्खलन की चुनौतियों के बावजूद इस साल चारधाम दर्शन के लिए रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी है। हालांकि, बीते कुछ दिनों में बारिश के चलते दैनिक यात्रियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। अब तक कुल 45,23,412 श्रद्धालु चारों पवित्र धामों के दर्शन कर चुके हैं।
धामवार स्थिति
बद्रीनाथ: सबसे ज्यादा 15,53,525 श्रद्धालु।
केदारनाथ: 14,14,590 श्रद्धालु।
गंगोत्री: 7,09,418 श्रद्धालु।
यमुनोत्री: 6,49,957 श्रद्धालु।
बीते 24 घंटों में केवल 8,126 यात्री ही दर्शन कर पाए, जिनमें बद्रीनाथ में 2,778, गंगोत्री में 2,475, केदारनाथ में 942 और यमुनोत्री में 895 श्रद्धालु शामिल रहे।
मौसम साफ होने के बाद ही दोबारा शुरू होगी यात्रा
गढ़वाल मंडलायुक्त और आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम पल-पल की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। एसडीआरएफ (SDRF), स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमों को हाइअलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक मौसम अनुकूल नहीं हो जाता और सभी प्रभावित मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं कर दिए जाते, तब तक यात्रा को दोबारा शुरू नहीं किया जाएगा। श्रद्धालुओं से फिलहाल सुरक्षित स्थानों पर ही रुकने की अपील की गई है।
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