Balrampur News: योगी के ‘एंटी भू-माफिया’ अभियान को ठेंगा, दबंगों का गरीब की जमीन पर कब्जा

Balrampur News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिले और मंडल मुख्यालयों पर तैनात अधिकारियों को साफ निर्देश है कि किसी गरीब की जमीन पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं की जगह या तो जेल में है या उनके अवैध निर्माण पर बुलडोजर।

प्रदेश भर में भू-माफियाओं के खिलाफ चल रहे इस सख्त अभियान के बावजूद, बलरामपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जहां दबंगों के हौसले प्रशासनिक आदेशों से भी ऊंचे नजर आ रहे हैं। यहाँ एक गरीब परिवार अपनी ही खरीदी हुई जमीन पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है, जबकि दबंग उन्हें संगीन मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर जमीन पर कुंडली मारकर बैठे हैं। दलित व्यक्ति की सहायता ना सिस्टम कर पा रहा है और ना ही अधिकारी। शायद यही कारण है कि वह व्यक्ति 2017 से अपनी ही ज़मीन को अवैध कब्जे से मुक्त करवाने और खुद का पजेशन पाने के लिए दौड़ भाग कर रहा है।

क्या है पूरा मामला?

​बलरामपुर जिले के थाना कोतवाली देहात अंतर्गत ग्राम विसुनापुर के निवासी दद्दन पासवान ने साल 2016 में अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई से ग्राम जोरावरपुर में गाटा संख्या 131 में जमीन खरीदी थी। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने और उनकी पत्नी ने कुल मिलाकर करीब 37 बिस्वा (विभिन्न रकबा) जमीन का बैनामा कराया था, जिसका दाखिल-खारिज भी उनके नाम हो चुका है। फिर भी दबंग के आगे पीड़ित परिवार की कोई सुनवाई नहीं है।

दबंगों की धमकी: “जमीन मांगी तो बलात्कार के केस में फंसा देंगे”

अपना दर्द साझा करते हुए दद्दन पासवान और उनके बेटे दीपक पासवान ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि गांव के ही दबंग केसरी (पुत्र सुंदर) और उनके परिवार ने जबरन उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है और वहां टिन शेड आदि डलवा लिए हैं।

​पीड़ित दद्दन पासवान ने बताया कि मैंने मजदूरी करके, पंचर बनाके और लकड़ी-कंडा बेचकर अपने बच्चों के पेट काट-काटकर यह जमीन ली थी। अब केसरी और उसके परिवार के लोग मेरी ही गाढ़ी कमाई से खरीदी गई जमीन को खाली नहीं कर रहे। जब हम अपनी जमीन पर जाते हैं, तो वे धमकी देते हैं कि तुम्हें और तुम्हारे बेटों को बलात्कार जैसे गंभीर और झूठे मामलों में फंसाकर बर्बाद कर देंगे।”

राजस्व रिपोर्ट: लेखपाल की आख्या में भी कब्जे की पुष्टि

​मामले की गंभीरता तब और बढ़ जाती है जब सरकारी दस्तावेज भी पीड़ित के पक्ष में गवाही देते हैं। तत्कालीन लेखपाल द्वारा लगाई गई रिपोर्ट के अनुसार यह बताया गया है कि ​गाटा संख्या 131/0.6440 हे. में विक्रेता सेतू वर्मा के हिस्से से दद्दन और उनकी पत्नी ने नियमानुसार रकबा खरीदा था। ​रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि विक्रेता के पास बचे हुए रकबे से अधिक भूमि (0.061 हे.) पर विपक्षी लीलावती पत्नी केसरी ने कब्जा कर लिया है।

​लेखपाल की आख्या में यह भी दर्ज है कि दद्दन पासवान के कब्जे वाले हिस्से पर भी विपक्षियों द्वारा कब्जा किया गया है। हालांकि, लेखपाल ने इस मामले को “सक्षम न्यायालय” में ले जाने की सलाह देकर अपना पल्ला झाड़ लिया है।

Balrampur News: योगी के 'एंटी भू-माफिया' अभियान को ठेंगा, दबंगों का गरीब की जमीन पर कब्जा

शिकायती पत्र भेजकर लगाई न्याय की गुहार

​​पीड़ित ने मुख्यमंत्री, पुलिस उप महानिरीक्षक (देवीपाटन मंडल) और जिले के उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। दद्दन का कहना है कि पुलिस और राजस्व की टीमें मौके पर गईं, नाप-जोख भी हुई, लेकिन दबंगों के रसूख के आगे प्रशासन मौन है। अब सवाल यह है कि क्या “जीरो टॉलरेंस” की नीति का दावा करने वाला प्रशासन इस गरीब परिवार को उसकी जमीन वापस दिला पाएगा?

रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी

 

Also Read: RO/ARO Paper Leak Case: मास्टरमाइंड कृष्णा पाण्डेय वाराणसी से गिरफ्तार, 12-12 लाख में तय हुआ था सौदा

Get real time updates directly on you device, subscribe now.