सीएम सम्राट चौधरी का ऐलान, स्कूलों में एआई तकनीक और परीक्षा सुधार समितियों का होगा गठन
Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार में स्कूली शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक-आधारित और छात्र-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने कई बड़े नीतिगत फैसलों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य प्रदेश के हर विद्यालय को उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित करना है। इन पहलों के जरिए पठन-पाठन की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ छात्रों के मूल्यांकन के तरीकों को आधुनिक बनाने की योजना है। शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने के लिए दो प्रमुख समितियों का गठन किया गया है।
शिक्षा गुणवत्ता समिति: यह राज्यस्तरीय समिति स्कूलों में पठन-पाठन का स्तर सुधारने और बेहतर माहौल तैयार करने के लिए सुझाव देगी।
परीक्षा सुधार समिति: बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ क्लासरूम असेसमेंट को पारदर्शी बनाने पर काम करेगी। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से छात्रों की विश्लेषणात्मक क्षमता के सटीक मूल्यांकन के तरीके तलाशे जाएंगे।
छात्रों से सीधा संवाद और नया निदेशालय
शिक्षा व्यवस्था में विद्यार्थियों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य में विशेष सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक सीधे छात्रों से संवाद कर उनकी व्यावहारिक समस्याओं व सुझावों को समझेंगे। इसके अलावा, छात्र कल्याण योजनाओं का लाभ सुगमता से पहुँचाने के लिए संबंधित विभागों में एक अलग निदेशालय गठित किया जाएगा, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी हो सके।
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