जनसुनवाई के दौरान बेहोश हुआ फरियादी, डीएम टैंपो से खुद लेकर पहुंचे अस्पताल

Bareilly News: बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने शनिवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक संवेदनशीलता की एक अनूठी मिसाल पेश की। कलेक्ट्रेट में अपनी फरियाद लेकर आए दो अलग-अलग गंभीर मामलों में डीएम ने न सिर्फ त्वरित फैसला लिया, बल्कि खुद आगे बढ़कर पीड़ितों की मदद की।

किडनी की बीमारी से जूझ रहे बच्चे की मदद के लिए तोड़ा प्रोटोकॉल

जनसुनवाई के दौरान एक बेबस मां अपने बेहद बीमार बच्चे को गोद में लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंची। उसने रोते हुए बताया कि उसके मासूम बच्चे की दोनों किडनियां खराब हैं। पैसों की तंगी के कारण वह बच्चे का इलाज आगे जारी रखने में असमर्थ है और कलेक्ट्रेट में आयुष्मान कार्ड बनवाने की गुहार लेकर आई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम अविनाश सिंह ने बिना समय गंवाए एक्शन लिया। चूंकि शनिवार को कलेक्ट्रेट में नो व्हीकल डे (वाहन निषेध दिवस) था, इसलिए डीएम ने तुरंत परिसर के बाहर से एक ऑटो-टैंपो मंगवाया और मां-बच्चे को जिला अस्पताल भिजवाया। इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बच्चे का मुफ्त और सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।

इसी दौरान कलेक्ट्रेट में अपनी समस्या लेकर आया एक अन्य व्यक्ति भीषण गर्मी और उमस के कारण अचानक चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़ा और अचेत (बेहोश) हो गया। यह देखते ही जिलाधिकारी अपनी कुर्सी से उठकर तुरंत उस व्यक्ति के पास पहुंचे। उन्होंने खुद उस पर पानी के छीटें मारकर उसे होश में लाने का प्रयास किया।

स्थिति बिगड़ती देख डीएम ने तुरंत गाड़ी का इंतजाम कराया और मानवता की मिसाल पेश करते हुए खुद भी उस पीड़ित व्यक्ति के साथ जिला अस्पताल गए। वहां उन्होंने डॉक्टरों की मौजूदगी में मरीज का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बाद में पुष्टि की कि अत्यधिक गर्मी के कारण वह व्यक्ति बेहोश हो गया था और अब वह पूरी तरह स्वस्थ है।

रिपोर्ट- रंजीत बिसारिया

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