Lucknow News: कैलाशकुंज कॉम्पलेक्स को री-डेवलपमेंट का मॉडल बनाएगा LDA, 110 करोड़ की लागत से बनेगी 13 मंजिला नई इमारत
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) अपने चार दशक पुराने कैलाशकुंज व्यावसायिक कॉम्पलेक्स को री-डेवलपमेंट का मॉडल बनाने जा रहा है।
पुराने और जर्जर भवन को ध्वस्त कर उसकी जगह आधुनिक सुविधाओं से युक्त 13 मंजिला नई इमारत का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 110 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने अधिकारियों के साथ बैठक कर री-डेवलपमेंट प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कैलाशकुंज कॉम्पलेक्स करीब 40 वर्ष पुराना है। 6,046 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बने इस कॉम्पलेक्स में लगभग 280 दुकानें हैं।
हालिया सर्वे में भवन की जर्जर स्थिति, बंद पड़ी दुकानों और कॉमन एरिया व पार्किंग में अनाधिकृत कब्जों की पुष्टि हुई है।
110 करोड़ की लागत से आधुनिक निर्माण
नए प्रस्ताव के तहत एलडीए स्वयं इस कॉम्पलेक्स का पुनर्विकास करेगा। करीब 45 मीटर ऊंची 13 मंजिला इमारत में भूतल, प्रथम और द्वितीय तल पर व्यावसायिक दुकानें व ऑफिस स्पेस होगा, जबकि ऊपर के तलों पर 3 बीएचके प्रीमियम फ्लैट्स बनाए जाएंगे।
पुराने आवंटियों को मिलेगा सवा गुना क्षेत्रफल
एलडीए पुराने आवंटियों से सहमति के आधार पर परियोजना को आगे बढ़ाएगा। नई इमारत में पुराने आवंटियों को सवा गुना (1.25 गुना) अधिक क्षेत्रफल मिलेगा।

उदाहरण के तौर पर, जिनकी दुकान 100 वर्गफुट की है, उन्हें 125 वर्गफुट की दुकान आवंटित की जाएगी।
अन्य क्षेत्रों में भी री-डेवलपमेंट की तैयारी
एलडीए अलीगंज के सेक्टर-जी स्थित व्यावसायिक कॉम्पलेक्स के री-डेवलपमेंट का प्रस्ताव भी तैयार कर रहा है। 11,000 वर्गमीटर में बने इस कॉम्पलेक्स में करीब 100 दुकानें हैं।
पुनर्विकास के बाद यहां 14 मंजिला इमारत में 250 दुकानें और 72 फ्लैट्स (3 बीएचके) बनाए जाएंगे। इसके अलावा गोमती नगर स्थित उजाला कॉम्पलेक्स के री-डेवलपमेंट की भी योजना पर काम चल रहा है।
एलडीए का मानना है कि इन परियोजनाओं से न केवल शहर के पुराने व्यावसायिक परिसरों को नई पहचान मिलेगी, बल्कि बेहतर उपयोग, आधुनिक सुविधाएं और आवंटियों को भी अतिरिक्त लाभ सुनिश्चित होगा।
Also Read: Lucknow News: बिजली कटौती पर ताबड़तोड़ एक्शन, सस्पेंड किए गए दो बड़े अधिकारी

