स्वरोजगार योजना के नाम पर 32 हज़ार गरीब महिलाओं को ठगने वाला गिरफ्तार, लखनऊ से दबोचा गया
Sandesh Wahak Digital Desk : आगरा की सदर पुलिस ने कई राज्यों में हजारों महिलाओं से ठगी करने वाले 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अरुण अग्निहोत्री उर्फ पंकज अग्निहोत्री के रूप में हुई है, जो पिछले साढ़े छह साल से फरार चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने गरीब महिलाओं को सरकारी योजना का झांसा देकर ठगी का जाल बिछाया था।
स्वरोजगार योजना के नाम पर गरीब महिलाओं को बनाया निशाना
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के अनुसार, जनवरी 2020 में सदर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि सार्थक सोशल वेलफेयर सोसाइटी के नाम पर आगरा की करीब 1650 महिलाओं से ठगी की गई। बाद में पता चला कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों में करीब 32 हजार महिलाओं को इसी तरह निशाना बनाया गया।
आरोपी महिलाओं को प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता का झांसा देते थे। उन्हें सिलाई, कढ़ाई, बुनाई समेत 17 तरह के प्रशिक्षण और बाद में हर महीने 5 हजार रुपये मिलने का दावा किया जाता था। आवेदन शुल्क के नाम पर प्रत्येक महिला से 750 रुपये लिए जाते थे।
छोटी रकम समझकर रचा था ठगी का खेल, 14 मुकदमे दर्ज
पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी का यह नेटवर्क महिलाओं के जरिए ही आगे बढ़ाया जाता था। एक महिला को दूसरी महिला जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाता था और बदले में 2 हजार रुपये के चेक व प्रमाणपत्र का लालच दिया जाता था। इसी तरह पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ती गई।
गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से शाहजहांपुर का रहने वाला है और उसकी लोकेशन लखनऊ में मिलने के बाद पुलिस ने सर्विलांस की मदद से उसे पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ आगरा, बरेली, फिरोजाबाद, कानपुर, हाथरस, वाराणसी और इंदौर समेत कई जगहों पर कुल 14 मुकदमे दर्ज हैं।
गैंग के अन्य सदस्य जेल में, एक आरोपी अब भी फरार
पुलिस के मुताबिक, आरोपी एमएससी पास है और पहले एक राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ था। पूछताछ में सामने आया कि वह कम समय में ऐशो-आराम की जिंदगी जीना चाहता था। इसी सोच के साथ उसने अपने साथियों के साथ मिलकर ठगी की योजना बनाई। उसे लगा कि छोटी रकम होने के कारण महिलाएं शिकायत नहीं करेंगी, लेकिन यही उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई।
पुलिस ने अरुण अग्निहोत्री को गिरोह का मास्टरमाइंड बताया है। इस मामले में गैंग के तीन अन्य सदस्यों अवनीश पाल, यशवंत और अमित को पहले ही जेल भेजा जा चुका है, जबकि आकाश सक्सेना अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

