डीके शिवकुमार बने कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री, जी. परमेश्वर ने ली डिप्टी CM पद की शपथ
Sandesh Wahak Digital Desk: कर्नाटक की सियासत में आज एक नए और ऐतिहासिक अध्याय का आगाज हो गया है। कांग्रेस के कद्दावर नेता और दक्षिण भारत में पार्टी के सबसे बड़े संकटमोचक कहे जाने वाले डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ले ली है। बेंगलुरु के प्रतिष्ठित लोक भवन स्थित भव्य ग्लास हाउस में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें शपथ दिलाई।
इस ऐतिहासिक पल के साथ ही आठ बार के विधायक डीके शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनने का बरसों पुराना सपना आखिरकार साकार हो गया, जिसके लिए उन्होंने लंबा जमीनी और राजनीतिक संघर्ष किया था। इस हाई-प्रोफाइल समारोह में कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित देश भर के कई विपक्षी दिग्गज मौजूद रहे।
जी. परमेश्वर बने उपमुख्यमंत्री, नई कैबिनेट का गठन
डीके शिवकुमार के साथ-साथ कर्नाटक कांग्रेस के कद्दावर दलित नेता जी. परमेश्वर ने राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही कई अन्य वरिष्ठ और युवा नेताओं को कैबिनेट मंत्री के तौर पर शामिल किया गया है, जो क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों का बेहतरीन संतुलन दिखाते हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं और साल 1989 से अब तक अपने राजनीतिक जीवन में वे एक भी चुनाव नहीं हारे हैं। वर्ष 2020 से वे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कमान संभाल रहे हैं।
Shri @DKShivakumar takes oath as the Chief Minister of Karnataka at Lok Bhavan.
📍 Karnataka#karnataka #dkshivakumar pic.twitter.com/qfATRcvNEk
— Deepak Khatri (@Deepakkhatri812) June 3, 2026
कर्नाटक के मंत्रियों की प्रोफाइल एक नज़र में
शपथ लेने वाले प्रमुख मंत्रियों और उनकी राजनीतिक ताकत का विवरण नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है।
| मंत्री का नाम | पद / जिम्मेदारी | समुदाय / राजनीतिक पृष्ठभूमि | मुख्य पहचान व पिछला अनुभव |
|---|---|---|---|
| डी.के. शिवकुमार | मुख्यमंत्री (18वें) | वोक्कालिगा | 2020 से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष; कनकपुर सीट से लगातार विधायक; कांग्रेस के ‘संकटमोचक’। |
| जी. परमेश्वर | उपमुख्यमंत्री | दलित | कर्नाटक के प्रभावशाली दलित चेहरा; पूर्व गृह मंत्री और साल 2018 में राज्य के पहले दलित डिप्टी सीएम रहे। |
| के.एच. मुनियप्पा | कैबिनेट मंत्री | वरिष्ठ दलित नेता | 7 बार के पूर्व सांसद; केंद्र सरकार में पूर्व रेल राज्य मंत्री तथा सामाजिक न्याय मंत्री रहे। |
| के.जे. जॉर्ज | कैबिनेट मंत्री | अल्पसंख्यक (ईसाई) | सर्वगन्या सीट से विधायक; पूर्व गृह एवं ऊर्जा मंत्री; कर्नाटक कांग्रेस के सबसे अनुभवी नेताओं में शामिल। |
| एम.बी. पाटिल | कैबिनेट मंत्री | लिंगायत | बाबलेश्वर सीट से लगातार 4 बार विधायक; पूर्व भारी उद्योग और जल संसाधन मंत्री। |
| रामलिंगा रेड्डी | कैबिनेट मंत्री | बेंगलुरु क्षेत्र | बीटीएम लेआउट से विधायक; पूर्व गृह एवं परिवहन मंत्री; बेंगलुरु शहर में मजबूत पकड़। |
| सतीश जारकीहोली | कैबिनेट मंत्री | एसटी (अहिंदा राजनीति) | बेलगावी जिले के यमकनमर्डी से लगातार विजयी; केपीसीसी के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष। |
| कृष्णा बायरे गौड़ा | कैबिनेट मंत्री | वोक्कालिगा | पूर्व कृषि एवं राजस्व मंत्री; बेदाग और बेहद साफ-सुथरी छवि वाले परफॉर्मर नेता। |
| प्रियांक खरगे | कैबिनेट मंत्री | युवा दलित | कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुत्र; चित्तापुर से 3 बार के विधायक; पूर्व आईटी एवं ग्रामीण विकास मंत्री। |
| यू.टी. खादर | कैबिनेट मंत्री | अल्पसंख्यक (मुस्लिम) | पूर्व विधानसभा स्पीकर; मंगलुरु से लगातार चुनाव जीतने वाले बड़े मुस्लिम नेता। |
| ईश्वर खंड्रे | कैबिनेट मंत्री | लिंगायत | उत्तर कर्नाटक का बड़ा चेहरा; संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका। |
| यतींद्र सिद्धरमैया | कैबिनेट मंत्री | कुरुबा (युवा चेहरा) | पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पुत्र; वरुण क्षेत्र में मजबूत जमीनी पकड़। |
| बिरथी सुरेश | कैबिनेट मंत्री | ओबिस (OBC) | पूर्व मुख्यमंत्री के बेहद करीबी और बेंगलुरु के कद्दावर नेता। |
| शरण प्रकाश पाटिल | कैबिनेट मंत्री | कलबुर्गी क्षेत्र |
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