‘जिहाद’ की आड़ में अय्याशी, पाकिस्तानी आतंकियों की जेब से मिले लव लेटर-कंडोम

Mushtaq Ahmad Bhat: कश्मीर में वर्षों से आतंकवाद को ‘जिहाद’ और ‘धर्मयुद्ध’ के नाम पर पेश किया जाता रहा है, लेकिन अब एक पूर्व कश्मीरी आतंकी के दावों ने इस कहानी पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। भारतीय सेना के लिए अंडरकवर ऑपरेटिव के रूप में काम कर चुके मुश्ताक अहमद भट, जिनका कोडनेम अशफाक या रोमियो था, ने हाल ही में यूट्यूबर प्रखर गुप्ता के पॉडकास्ट ‘PGX: Raw & Real’ में कई चौंकाने वाले दावे किए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से आने वाले कई विदेशी आतंकी खुद को ‘मुजाहिद’ बताते थे, लेकिन उनका असली मकसद कुछ और ही था।

आतंकियों की जेब से मिले प्रेम पत्र 

मुश्ताक अहमद भट ने इंटरव्यू के दौरान पुराने दस्तावेज और कथित तौर पर मारे गए आतंकियों की जेबों से बरामद प्रेम पत्र भी दिखाए। उनके अनुसार, अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू में लिखे गए इन पत्रों में धार्मिक संघर्ष की बातें नहीं थीं, बल्कि कश्मीरी लड़कियों को प्रभावित करने और उनके करीब आने की कोशिशें दिखाई देती थीं। उन्होंने दावा किया कि विदेशी आतंकी झूठे प्रेम और भावनात्मक बातों के जरिए स्थानीय लड़कियों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते थे।

स्थानीय घरों में शरण लेकर रहते थे आतंकी 

पूर्व ऑपरेटिव ने यह भी दावा किया कि कई मुठभेड़ों के दौरान आतंकियों के पास से कंडोम जैसी चीजें बरामद हुई थीं। उनके अनुसार, जब इस बारे में पूछताछ की जाती थी तो कई आतंकी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाते थे। इंटरव्यू में यह भी कहा गया कि दक्षिण कश्मीर के कुछ इलाकों में विदेशी आतंकियों ने स्थानीय घरों में शरण ली और कथित तौर पर स्थानीय युवतियों से रिश्ते बनाए। मुश्ताक के मुताबिक, ऐसे मामलों के सामाजिक प्रभाव आज भी कुछ परिवारों पर दिखाई देते हैं।

मुश्ताक अहमद भट ने कहा कि इन घटनाओं से यह समझने की जरूरत है कि आतंकवाद का सबसे बड़ा नुकसान आम लोगों और स्थानीय युवाओं को उठाना पड़ता है। उनका दावा है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद ने कश्मीर के कई परिवारों की जिंदगी को प्रभावित किया और युवाओं को गलत रास्ते पर धकेला।

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