E20 से सस्ता रहा पेट्रोल, वरना ₹125 लीटर तक पहुंच जाती कीमत, मोदी सरकार का दावा

E20 Petrol: केंद्र सरकार ने E20 इथेनॉल ब्लेंडिंग पेट्रोल कार्यक्रम का एक बार फिर बचाव किया है। सरकार का कहना है कि अगर इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का इस्तेमाल नहीं बढ़ाया गया होता तो हाल के पश्चिम एशिया संकट के दौरान देश में पेट्रोल की कीमत करीब 125 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती थी। फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर है।

लोकसभा में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लिखित जवाब में कहा कि वैश्विक संकट के दौरान E20 कार्यक्रम ने उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सरकार के समय पर उठाए गए कदमों और घरेलू इथेनॉल के बढ़ते उपयोग से पेट्रोल की कीमतों में सीमित बढ़ोतरी हुई।

सरकार ने बताया कैसे लागू हुई E20 नीति

लोकसभा में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि E20 इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम को नीति आयोग, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI), सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM), तेल विपणन कंपनियों और अन्य तकनीकी संस्थानों से परामर्श के बाद चरणबद्ध और वैज्ञानिक तरीके से लागू किया गया।

उन्होंने कहा कि ARAI, SIAM, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारतीय पेट्रोलियम संस्थान और वाहन निर्माताओं के लैब परीक्षण व फील्ड स्टडी में E20 ईंधन को निर्धारित मानकों के अनुसार सुरक्षित पाया गया है।

20 करोड़ से ज्यादा दोपहिया वाहन चला रहे E20 ईंधन

सरकार के अनुसार, E15+ पेट्रोल का उपयोग साढ़े तीन साल से अधिक समय से और E19-E20 ईंधन का इस्तेमाल ढाई साल से ज्यादा समय से किया जा रहा है। देश में 20 करोड़ से अधिक दोपहिया और 3 करोड़ से ज्यादा पेट्रोल कारें इन ईंधनों पर चल रही हैं। सरकार ने दावा किया कि इथेनॉल ब्लेंडिंग के कारण बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने, जंग लगने या वाहनों की उम्र घटने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। साथ ही वाहन निर्माता E20 वाहनों पर वारंटी दायित्व भी निभा रहे हैं।

Also Read: E-20 विरोध से पहले तहसीन पूनावाला का दावा, नजरबंद करने घर पहुंची दिल्ली पुलिस 

Get real time updates directly on you device, subscribe now.