पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव पर ED का शिकंजा, 28 करोड़ की संपत्ति मामले में केस दर्ज
ED Action on Mukesh Srivastava: पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) से जुड़े मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई विजिलेंस की जांच में सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर की गई है।
मुकेश श्रीवास्तव पहले से ही राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM Scam) घोटाले और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामलों की जांच के घेरे में हैं। इसी आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ने उन्हें 10 जून 2026 को गिरफ्तार किया था। अब ED उनकी संपत्तियों और उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन का पूरा ब्योरा खंगालेगी।
मुकेश श्रीवास्तव 2012 से 2017 तक पयागपुर विधानसभा सीट से विधायक रहे। वह पहले कांग्रेस में रहे और बाद में समाजवादी पार्टी (SP) में शामिल हुए। 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सपा के टिकट पर पयागपुर से चुनाव लड़ा था।
भाई अजय श्रीवास्तव के ठिकानों पर भी विजिलेंस की छापेमारी
इसी मामले की जांच के दौरान बुधवार को मुकेश श्रीवास्तव के भाई अजय श्रीवास्तव के ठिकानों पर भी विजिलेंस ने कार्रवाई की। अयोध्या सेक्टर की टीम ने लखनऊ और गोंडा में एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की।
NRHM घोटाले के समय अजय श्रीवास्तव बलरामपुर CMO कार्यालय में क्लर्क के पद पर तैनात था। विजिलेंस की जांच में उसकी आय और संपत्तियों को लेकर भी सवाल उठे हैं। कार्रवाई के दौरान उसके पास करीब 28 करोड़ रुपये की संपत्ति होने की जानकारी सामने आई है।
अब संपत्ति और पैसों का पूरा हिसाब खंगालेगी ED
विजिलेंस से मिले दस्तावेजों और जांच रिपोर्ट के आधार पर ED ने मुकेश श्रीवास्तव के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। एजेंसी अब उनकी संपत्तियों की खरीद, धन के स्रोत और संबंधित वित्तीय लेन-देन की जांच करेगी।
मुकेश श्रीवास्तव का नाम NRHM घोटाले से जुड़े पुराने मामलों में भी सामने आया था। अब ED की एंट्री के बाद जांच का दायरा संपत्तियों और पैसों के स्रोत तक पहुंच गया है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किन संपत्तियों और लेन-देन को मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़ा जाता है।
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