भाजपा से दूरी की अटकलों के बीच संजय निषाद का सपा पर तीखा वार, बोले- पहले अपना वजूद बचाओ
Sanjay Nishad: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की राजनीति तेज हो गई है। निषाद पार्टी प्रमुख और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के हालिया बयानों से सियासी हलचल बढ़ी है। सपा नेता माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात के बाद उनके भाजपा से दूरी बनाने के कयास लगाए जा रहे थे। अब संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए NDA के साथ अपनी पार्टी की एकजुटता का संदेश दिया है।
संजय निषाद का सपा पर हमला
बुधवार सुबह एक्स पर संजय निषाद ने लिखा, “जिनके घर शीशे के बने होते हैं, वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकते।” उन्होंने सपा नेताओं पर निषाद पार्टी के भविष्य को लेकर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि सपा को उनकी पार्टी की चिंता छोड़कर कांग्रेस के साथ अपनी सीटों का बंटवारा करना चाहिए।
उन्होंने साफ कहा कि निषाद पार्टी को सपा की किसी बैसाखी की जरूरत नहीं है। NDA में गठबंधन, बराबरी और हिस्सेदारी के आधार पर है। संजय निषाद ने दावा किया कि उनकी पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है, जबकि सपा सिकुड़ रही है।
कसरवल कांड का भी उठाया मुद्दा
संजय निषाद ने कसरवल कांड का जिक्र करते हुए कहा कि निषाद समाज अपने शहीदों का बलिदान नहीं भूला है। उन्होंने सपा नेताओं पर समाज हितैषी बनने का दिखावा करने का आरोप लगाया।
उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा पहले अपना वजूद बचाए। सवाल यह नहीं है कि संजय निषाद कहां जाएंगे, बल्कि यह है कि शिवपाल यादव और रामगोपाल यादव कहां जाएंगे।
भाजपा से रिश्तों पर क्या कहा था?
दरअसल, माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात के बाद संजय निषाद ने कहा था कि सपा ने दरवाजा बंद किया था, इसलिए वह भाजपा के साथ आए। अगर भाजपा दरवाजा बंद करेगी तो आगे के विकल्पों पर विचार किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने बाद में यह भी स्पष्ट किया कि अभी गठबंधन तोड़ने जैसा कोई फैसला नहीं हुआ है।

