इजरायल ने लेबनान की लितानी नदी पार कर ब्यूफोर्ट किले पर किया कब्जा, फहराया झंडा
Sandesh Wahak Digital Desk: तेल अवीव और बेरुत के बीच जारी भीषण जंग के बीच रविवार सुबह एक बेहद सनसनीखेज और ऐतिहासिक घटनाक्रम सामने आया है। इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने लेबनान के भीतर अपने सैन्य ऑपरेशन का बड़ा विस्तार करते हुए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण लितानी नदी को पार कर लिया है। आईडीएफ की सबसे घातक टुकड़ियों में से एक, गोलानी ब्रिगेड ने दक्षिणी लेबनान के नबातियेह शहर के पास स्थित ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट किले पर पूरी तरह कब्जा कर लिया है। इजरायली ब्रॉडकास्ट कॉर्प और आईडीएफ के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें जारी की हैं, जिसमें किले की सबसे ऊंची चोटी पर इजरायल और गोलानी ब्रिगेड का झंडा लहराते हुए देखा जा सकता है।
इस बड़ी कामयाबी से उत्साहित इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इसे एक रणनीतिक जीत करार दिया है। उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कड़े निर्देशों और सटीक मार्गदर्शन के तहत इस गुप्त सैन्य अभियान को अंजाम दिया गया। आईडीएफ सैनिक अब लितानी नदी के उत्तर में घुस चुके हैं और वहां हिजबुल्लाह के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले बोल रहे हैं।
44 साल पुराना इतिहास दोहराया
रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इस कामयाबी को भावुक और ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए 1982 के युद्ध को याद किया। काट्ज ने कहा, ब्यूफोर्ट की वीरतापूर्ण लड़ाई के 44 वर्ष बाद, और ‘गैलीली के लिए शांति’ युद्ध में शहीद हुए गोलानी ब्रिगेड के जवानों के स्मरण दिवस पर हमारी सेना उसी चोटी पर फिर से लौट आई है। गौरतलब है कि इजरायल ने पहली बार 1982 में इस किले पर कब्जा किया था, जिसमें गोलानी ब्रिगेड के 6 सैनिक मारे गए थे। साल 1982 से 2000 तक (18 वर्षों तक) यह किला इजरायल के नियंत्रण में था, लेकिन बाद में अंतरराष्ट्रीय दबाव और रणनीति के तहत इजरायली सेना वहां से वापस लौट आई थी। अब 26 साल बाद इजरायल ने दोबारा यहाँ अपनी चौकी स्थापित कर ली है।
रक्षा मंत्री ने साफ किया कि ब्यूफोर्ट रिज का भौगोलिक स्थान इजरायल के उत्तरी क्षेत्र (गैलीली) की बस्तियों की सुरक्षा के लिए सबसे मजबूत ढाल है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, यह हमारे दुश्मनों के लिए एक स्पष्ट और कड़ा संदेश है, जो कोई भी इजराइली नागरिकों को धमकाएगा या उन पर हमला करेगा, वह एक-एक करके अपने सभी रणनीतिक और महत्वपूर्ण ठिकानों को खो देगा।
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