आतंकी संगठन हमास को मिला नया चीफ, कट्टरपंथी खलील अल-हय्या को सौंपी गई कमान
Sandesh Wahak Digital Desk: हमास ने अपने नए प्रमुख के नाम का ऐलान कर दिया है। आतंकी संगठन ने खलील अल-हय्या को अपना नया चीफ चुना है। अल-हय्या इससे पहले गाजा में हमास के पॉलिटिकल ब्यूरो का प्रमुख था और पिछले दो वर्षों से संगठन की शीर्ष नेतृत्व परिषद का भी हिस्सा रहा है।
याह्या सिनवार और इस्माइल हानिया की मौत के बाद हमास की कमान पांच सदस्यीय लीडरशिप काउंसिल संभाल रही थी। अब आंतरिक चुनाव के बाद खलील अल-हय्या को संगठन का नया प्रमुख बनाया गया है। माना जा रहा है कि उसके नेतृत्व में हमास की रणनीति और भी आक्रामक हो सकती है।
गाजा युद्ध के दौरान संघर्षविराम और बंधकों की रिहाई को लेकर हुई बातचीत में खलील अल-हय्या हमास का मुख्य वार्ताकार था। 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए हमले के बाद शुरू हुए युद्ध के दौरान वह लगातार कतर से संगठन की ओर से बातचीत करता रहा।
अल-हय्या मूल रूप से गाजा पट्टी का रहने वाला है। हमले से कुछ समय पहले वह कतर चला गया था और तब से वहीं रह रहा है। कतर में रहते हुए उसने अरब देशों के नेताओं और विभिन्न पक्षों के साथ हमास का राजनीतिक संवाद संभाला।
7 अक्टूबर हमले को बताया था ‘महान कार्य’
खलील अल-हय्या को हमास के सबसे कट्टर नेताओं में गिना जाता है। उसने 7 अक्टूबर 2023 के हमले का कई बार सार्वजनिक रूप से बचाव किया है।
एक इंटरव्यू में उसने कहा था कि हमले का उद्देश्य इजरायली सैनिकों को बंधक बनाकर फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई सुनिश्चित करना और पूरे क्षेत्र का राजनीतिक समीकरण बदलना था। उसने इस हमले को “महान कार्य” बताते हुए दावा किया था कि इससे फिलिस्तीन का मुद्दा दोबारा अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रमुखता से उठने लगा।
हमास से शुरुआत से जुड़ा, कई हमलों में बचा
खलील अल-हय्या 1987 में हमास की स्थापना के समय से ही संगठन से जुड़ा हुआ है। वह 2006 से गाजा सिटी का प्रतिनिधित्व करते हुए फिलिस्तीनी विधायी परिषद का सदस्य भी रहा है।
उसने इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ गाजा से स्नातक, जॉर्डन यूनिवर्सिटी से हदीस में मास्टर्स और बाद में पीएचडी की पढ़ाई की। जुलाई 2024 में तेहरान दौरे के दौरान वह इस्माइल हानिया के साथ मौजूद था, जहां हानिया की हत्या कर दी गई थी। वहीं 2025 में दोहा में हुए एक इजरायली हमले में अल-हय्या बाल-बाल बच गया था।
इजरायली सैन्य कार्रवाई में उसके परिवार के कई सदस्य, जिनमें उसकी पत्नी, बेटे और अन्य रिश्तेदार शामिल हैं, मारे जा चुके हैं।
हालांकि अल-हय्या समय-समय पर संघर्षविराम की बात करता रहा है, लेकिन वह 1967 से पहले की सीमाओं के आधार पर पूर्ण स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की मांग पर अडिग रहा है। उसके नेतृत्व में हमास की आगे की रणनीति पर अब पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
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