जनगणना में ढिलाई बर्दाश्त नहीं! यूपी के मुख्य सचिव ने कहा- लापरवाही पर होगा एक्शन
UP Census 2026: उत्तर प्रदेश में Census 2026 को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने साफ शब्दों में कहा है कि जनगणना कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिलाधिकारियों और नगर आयुक्तों को निर्देश दिए हैं कि काम में बाधा डालने या सहयोग न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ Census Act के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।
मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फर्रुखाबाद, गाजियाबाद, कौशांबी, झांसी, लखनऊ, गोंडा और गौतमबुद्धनगर में चल रहे जनगणना कार्य की समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार रोजाना जनगणना की प्रगति पर नजर रख रही है, इसलिए सभी जिलों में House Listing Operation तय समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना कार्य की रोजाना समीक्षा करें और जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही जिन क्षेत्रों में काम की रफ्तार धीमी है, वहां विशेष अभियान चलाकर लक्ष्य समय पर पूरा किया जाए।
रोज होगी मॉनिटरिंग, गुणवत्ता पर रहेगा फोकस
मुख्य सचिव ने कहा कि गणना ब्लॉकों का कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा होने से पूरी जनगणना प्रक्रिया को गति मिलेगी। इसके साथ ही आंकड़ों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे निर्धारित समयसीमा का कड़ाई से पालन करते हुए जनगणना को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
बैठक में जनगणना कार्य की निदेशक शीतल वर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
NABARD परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा
जनगणना समीक्षा के अलावा मुख्य सचिव एसपी गोयल ने NABARD Rural Infrastructure Development Fund (RIDF) से वित्तपोषित परियोजनाओं की भी समीक्षा की। वित्तीय वर्ष 2026-27 की हाई पावर कमेटी की पहली बैठक में उन्होंने विभागों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं से जुड़े प्रतिपूर्ति दावे, पुनर्प्राथमिकरण और Project Completion Report (PCR) समय पर नाबार्ड को भेजे जाएं।
उन्होंने नाबार्ड और विभागों के बीच डिजिटल सिस्टम को जोड़ने पर भी जोर दिया, ताकि Project Monitoring और डेटा प्रबंधन को और प्रभावी बनाया जा सके। साथ ही कार्यदायी विभागों को निर्देश दिया गया कि वे नई परियोजनाओं के प्रस्ताव जल्द से जल्द मंजूरी के लिए नाबार्ड को भेजें।
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