69 हजार शिक्षक भर्ती पर फिर सड़क पर अभ्यर्थी, SC में पैरवी न करने का लगाया आरोप

Lucknow News: लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण के मुद्दे पर अभ्यर्थियों ने फिर आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारी बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास के सामने पहुंचकर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। अभ्यर्थी ‘आरक्षण दो, न्याय दो’ की मांग कर रहे हैं।

अभ्यर्थियों का कहना है कि आरक्षण से जुड़ा विवाद कई वर्षों से चल रहा है। कई बार आंदोलन के बावजूद उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ। इसी वजह से उन्हें दोबारा प्रदर्शन शुरू करना पड़ा है।

6800 अभ्यर्थियों की नियुक्ति का मुद्दा

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, 69000 शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी। उनका आरोप है कि बेसिक शिक्षा विभाग कोर्ट में उन अभ्यर्थियों के पक्ष को मजबूती से नहीं रख रहा, जिनकी चयन सूची करीब चार साल पहले जारी हो चुकी है।

अभ्यर्थियों के अनुसार, इस सूची में 6800 ओबीसी और दलित अभ्यर्थी शामिल हैं। इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं हो सकी है।

अयोध्या से आंदोलन में पहुंचीं अर्चना शर्मा ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी बात रखी थी। इसके बाद 5 जनवरी 2022 को 6800 अभ्यर्थियों की सूची जारी हुई थी।

CM से मुलाकात नहीं हुई तो सामूहिक भूख हड़ताल

अभ्यर्थी आशुतोष पटेल ने आरोप लगाया कि विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में सूची को लेकर पर्याप्त पैरवी नहीं की। वहीं यशवंत ने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा। अगर मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं कराई गई तो अभ्यर्थी सामूहिक भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

प्रदर्शन में गंगा शरण, नजमा, अमर मौर्य, चंदन, संजय और संगम निषाद समेत कई अभ्यर्थी मौजूद रहे।

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