‘आप अंडों से डरती हैं?’ स्वतंत्रता सेनानियों ने गोलियां झेली थीं, SC ने महुआ मोइत्रा को लगाई फटकार
Mahua Moitra: तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा। एक विवादित फेसबुक पोस्ट से जुड़े मामले में उन्होंने पुलिस के सामने ऑनलाइन यानी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने की अनुमति मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी मांग स्वीकार नहीं की। कोर्ट ने इस दौरान मोइत्रा के अंडे फेंके जाने की आशंका पर भी कड़ी टिप्पणी की।
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने कहा कि राजनीति में आने के बाद उन्हें अंडों से डरने की जरूरत नहीं है। जस्टिस दत्ता ने टिप्पणी की कि स्वतंत्रता सेनानियों ने गोलियां तक झेली थीं और इस तरह की याचिकाएं अदालत के सामने नहीं आनी चाहिए।
वकील ने बताया भीड़ से हमले का खतरा
मोइत्रा की ओर से वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणन ने दलील दी कि पुलिस स्टेशन जाने पर भीड़ के हमले का खतरा है। उन्होंने बताया कि पहले भी अंडे फेंकने की धमकी दी गई थी और एक बार वास्तव में अंडे फेंके गए थे। इसी आधार पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पूछताछ की अनुमति मांगी गई।
मामला जून में बीजेपी नेता की शिकायत पर दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। आरोप है कि मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए दो वीडियो में भड़काऊ टिप्पणी की थी।
हाईकोर्ट के आदेश का भी दिया गया हवाला
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट पहले ही मोइत्रा को जांच एजेंसी के साथ सहयोग करने का निर्देश दे चुका है। हाईकोर्ट ने पिछले महीने अंतरिम राहत देते हुए उन्हें 14 अगस्त को जांच अधिकारी के सामने पेश होने को कहा था।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद मोइत्रा के वकील ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। इसके बाद अदालत ने याचिका को वापस लिया हुआ मानते हुए खारिज कर दिया।
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