सैन्य तनाव के बीच मसूद पेजेश्कियन का बड़ा बयान, अमेरिका ने ईरानी शासन पर खड़े किए सवाल

Sandesh Wahak Digital Desk: ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) में सुरक्षित व्यापारिक जहाजों की आवाजाही के लिए एक नया कमर्शियल रूट तैयार करने की बातचीत अंतिम चरण में पहुँच गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने पिछले दो महीनों की गहन चर्चा के बाद भौगोलिक बिंदुओं पर सहमति बना ली है और जल्द ही संयुक्त बयान जारी किया जाएगा। यह कदम उस समय उठाया जा रहा है जब इजराइल और अमेरिका के साथ सैन्य तनाव के कारण सुरक्षा कारणों से इस रणनीतिक जलमार्ग को बंद करना पड़ा था। इसके साथ ही ईरानी विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि फिलहाल उनके अधिकारियों का पाकिस्तान या कतर दौरा प्रस्तावित नहीं है।

दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने देश की वर्तमान स्थिति को 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद का सबसे जटिल और मुश्किल समय बताया है। अपने शपथ ग्रहण की दूसरी वर्षगांठ पर सरकारी मीडिया (IRIB) को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय पाबंदियाँ, बैंकिंग और वित्तीय ऑपरेशन्स पर लगे प्रतिबंध तथा सैन्य टकराव देश की कमर तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। पेजेश्कियन के अनुसार, इन बाहरी दबावों का मुख्य उद्देश्य जनता को सरकार के खिलाफ भड़काना और विद्रोह के लिए उकसाना है, लेकिन जनता की अटूट एकजुटता के दम पर ही देश अब तक टिका हुआ है।

वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ संभावित समझौते को बेहद चुनौतीपूर्ण बताया है। फॉक्स न्यूज से बातचीत में वेंस ने कहा कि ईरान का शासन तंत्र आपस में बिखरा हुआ है, जिससे किसी ठोस डील तक पहुँचना आसान नहीं होगा। वेंस ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की प्राथमिकता अमेरिकी नागरिकों के हितों की रक्षा करना, वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें नियंत्रित रखना और ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।

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