UP Politics: बूथ कमेटियों की रिपोर्ट पर मायावती लेंगी प्रत्याशियों का अंतिम फैसला

Sandesh Wahak Digital Desk: यूपी की राजनीति में बहुजन समाज पार्टी एक बार फिर से सक्रिय होती नजर आ रही है। पार्टी विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान का बारीकी से आकलन कर रही है। जिसको लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने खुद कमान संभाल ली है। मायावती ने साफ कर दिया है कि आगामी चुनावों के लिए प्रत्याशियों का चयन और चुनावी रणनीति केवल एसआईआर रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।

15 हजार बूथ कमेटियों से मांगी गई रिपोर्ट

बसपा ने हाल ही में गठित की गईं अपनी 15 हजार बूथ कमेटियों से विस्तृत फीडबैक मांगा है। इस रिपोर्ट के जरिए पार्टी यह जानना चाहती है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान उसके कोर वोटर्स के नाम कितने प्रभावी ढंग से जोड़े गए और कहां पार्टी का आधार कमजोर हुआ है।

प्रत्याशी चयन का नया पैमाना: ‘काम दिखाओ, टिकट पाओ’

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस बार टिकट वितरण में उन पदाधिकारियों और प्रभारियों को तवज्जो दी जाएगी जिन्होंने ‘एसआईआर’ अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई है।

कठोर समीक्षा: जिलों में जिन संभावित प्रत्याशियों को जिम्मेदारी दी गई थी, उनके क्षेत्र में मतदाता सूची की क्या स्थिति है, इस रिपोर्ट के बाद ही उनकी दावेदारी पर मुहर लगेगी।

प्रदर्शन ही आधार: जिन क्षेत्रों में पार्टी के प्रभाव वाले मतदाताओं की संख्या कम हुई है, वहां के पदाधिकारियों पर गाज भी गिर सकती है।

मायावती खुद कर रही हैं गहन समीक्षा

बसपा सुप्रीमो मायावती इस पूरे मामले की कमान खुद संभाले हुए हैं। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल को निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों से बिंदुवार रिपोर्ट मंगाई जाए। मायावती का मुख्य जोर इस बात पर है कि पार्टी के प्रभाव वाले क्षेत्रों में एक भी समर्थक का नाम मतदाता सूची से न छूटने पाए। यदि कहीं नाम छूटे हैं, तो उन्हें आगे जुड़वाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जा रही है।

7 फरवरी की बैठक का असर

गौरतलब है कि बीते 7 फरवरी को लखनऊ में हुई पदाधिकारियों की बैठक में ही मायावती ने ‘एसआईआर’ कार्यों में विशेष रुचि दिखाने का निर्देश दिया था। उन्होंने बहुजन समाज के लोगों से अपील की थी कि वे अपने संवैधानिक अधिकार (वोट) की रक्षा के लिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

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