नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोधी सांसदों पर भड़के गोपाल राय, कार्रवाई की मांग
Lucknow News: विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने शनिवार को गोमतीनगर स्थित अपने कार्यालय पर विपक्षी दलों के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) को लेकर कांग्रेस, सपा और अन्य विपक्षी दलों के रवैये की कड़ी निंदा करते हुए इसे नारी शक्ति का अपमान बताया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विधेयक का गिरना केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं के सपनों पर प्रहार है।
चार दीवारों तक सीमित रखना चाहता है विपक्ष
गोपाल राय ने संबोधित करते हुए कहा कि जो स्त्रियाँ अपने अस्तित्व को घर की चार दीवारों से बाहर निकालकर राष्ट्र निर्माण में भागीदारी चाहती हैं, विपक्ष ने उनके अधिकारों को छीनने का प्रयास किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करना उन अनगिनत सपनों को रोकना है, जो हर उस स्त्री ने देखे हैं जो समाज में बराबरी का स्थान चाहती है। विपक्षी दलों का यह आचरण पूरी तरह से महिला विरोधी और जनभावनाओं के विपरीत है।
अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि यह विधेयक भारतीय संविधान में निहित समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का हिस्सा है। ऐसे में कुछ सांसदों द्वारा इसके विरोध में मतदान करना लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।

मुख्य मांगें
संवैधानिक समीक्षा: महामहिम राष्ट्रपति से मांग की गई है कि विरोध करने वाले सांसदों के आचरण की नैतिक और संवैधानिक दृष्टि से जांच हो।
दंडात्मक कार्रवाई: जनभावनाओं के विरुद्ध जाने वाले जनप्रतिनिधियों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

