‘पाकिस्तानी दिल से भारतीयों के दुश्मन नहीं’, भारत-पाक संबंधों पर मोहन भागवत का बड़ा बयान
Mohan Bhagwat On India Pakistan Relations: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने भारत-पाकिस्तान संबंधों और वैश्विक संघर्षों को लेकर बड़ा बयान दिया है। मुंबई में ‘इण्डियाज़ इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस’ (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि किसी विवाद का भारतीय समाधान दूसरे पक्ष को हराना या खत्म करना नहीं, बल्कि संवाद और सामंजस्य कायम करना है।
चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों के साथ तनाव को लेकर सवाल पर भागवत ने कहा कि संघर्ष या युद्ध के समय देशवासियों को सरकार और सेना के फैसलों के साथ मजबूती से खड़ा रहना चाहिए। सुरक्षा के लिए कुछ संबंधों को अस्थायी रूप से रोका जा सकता है, लेकिन इन्हें हमेशा के लिए खत्म नहीं किया जाना चाहिए।
स्थायी नफरत किसी समस्या का हल नहीं
भागवत ने कहा कि चीन के लोग मानते हैं कि भारत ने करीब 2000 वर्षों से उन्हें मूल्य दिए हैं। वहीं पाकिस्तान करीब 100 साल पहले तक भारत का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
RSS प्रमुख ने कहा कि संघर्ष समाप्त होने के बाद बातचीत वहीं से शुरू करनी होगी, जहां से रुकी थी। उनके मुताबिक स्थायी नफरत और दुश्मनी किसी समस्या का समाधान नहीं है।
एक दिन टकराव खत्म होगा
भारत-पाकिस्तान के आम लोगों के संबंधों पर भागवत ने कहा कि दोनों देशों के बीच तनाव मुख्य रूप से राजनीतिक परिस्थितियों से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी दिल से भारतीयों के दुश्मन नहीं हैं और न ही भारतीय उनके दुश्मन हैं। हालांकि राज्य, राजनीति और सीमाएं भी वास्तविकता हैं।
उनका यह बयान मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य तनाव की पृष्ठभूमि में आया है। 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके जवाब में भारत ने सैन्य कार्रवाई की थी और तीन दिन के टकराव के बाद युद्धविराम हुआ था।

