सोनिया की किताब पर नया बवाल! गहलोत बोले- PM, RSS और चीन वाले हिस्सा हटवाना चाहता था पेंग्विन
Sonia Gandhi Book Controversy: कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित किताब ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ (Belonging: A Journey of Love) भारत में रिलीज से पहले ही विवादों में आ गई है। किताब को लेकर पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया (Penguin Random House India) ने सफाई दी है, वहीं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने प्रकाशक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि वह भारत में इस किताब का प्रकाशक नहीं है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कहना सही नहीं है कि सोनिया गांधी द्वारा संपादकीय बदलाव स्वीकार नहीं किए जाने के कारण उसने किताब प्रकाशित करने से इनकार किया।
पेंग्विन ने कहा- तथ्यों की जांच करना हमारी जिम्मेदारी
पेंग्विन के मुताबिक, किसी किताब (Sonia Gandhi Book) के प्रकाशन से पहले उसमें दिए गए तथ्यों की जांच करना और लेखक को उचित संपादकीय सलाह देना प्रकाशक की सामान्य जिम्मेदारी है। कंपनी ने कहा कि सोनिया गांधी की किताब को लेकर भी यही प्रक्रिया अपनाई गई थी।
हालांकि, पेंग्विन ने अपने और सोनिया गांधी के बीच हुई बातचीत का विवरण साझा करने से इनकार कर दिया। कंपनी ने इसे गोपनीय मामला बताया है।
गहलोत का दावा- इन मुद्दों पर दबाव था
पेंग्विन की सफाई के बाद कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने अलग दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रकाशक पर किताब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, RSS और मोदी सरकार के दौरान चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र पर कथित कब्जे से जुड़े हिस्से हटाने का दबाव था।
गहलोत के मुताबिक, सोनिया गांधी ने इन बदलावों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद भारत में किताब के प्रकाशन से जुड़ा विवाद खड़ा हुआ। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़ते हुए सवाल उठाए।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इस मामले पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या कोई प्रकाशक यह तय कर सकता है कि सोनिया गांधी जैसी वरिष्ठ राजनीतिक हस्ती अपनी किताब (Sonia Gandhi Book) में क्या लिखें और क्या नहीं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कहीं प्रकाशक पर किसी तरह का दबाव तो नहीं था।
भारत में प्रकाशक को लेकर तस्वीर साफ नहीं
किताब का अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन 10 नवंबर को होने की घोषणा की गई है। इसे अमेरिका में अल्फ्रेड ए. नॉफ (Alfred A. Knopf) प्रकाशित कर रहा है, जो पेंग्विन रैंडम हाउस का हिस्सा है।
वहीं, भारत में किताब के प्रकाशक और वितरण को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। अमेजन पर इसका ई-बुक वर्जन प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध बताया गया है और लिस्टिंग में प्रकाशक के तौर पर विलियम कॉलिन्स (William Collins) का नाम दिया गया है।
Also Read: सोनिया गांधी की किताब पर बढ़ा सस्पेंस, पेंगुइन ने प्रकाशन से किया इनकार, ये हिस्सा हटाने को कहा

