कांग्रेस का साफ रुख, ‘वंदे मातरम’ के सिर्फ पहले दो पैरा ही गाए जाएंगे, CWC में लिया फैसला
Vande Mataram Controversy: ‘वंदे मातरम’ को लेकर कांग्रेस और सत्ता पक्ष के बीच जारी सियासी बहस के बीच पार्टी ने अपना रुख साफ कर दिया है। बुधवार को हुई कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में तय किया गया कि कांग्रेस अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम के शुरुआती दो पैरा ही गाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में नेताओं ने 28 अक्टूबर 1937 के कांग्रेस के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी का रुख पहले से स्पष्ट रहा है। बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा भी हुई।
जयराम रमेश बोले- पुराने फैसले में कोई विवाद नहीं
बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने कहा कि वंदे मातरम (Vande Mataram) को लेकर पहले भी कांग्रेस कार्यसमिति में प्रस्ताव पारित हो चुका है। उस समय महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, मौलाना आजाद और गोविंद वल्लभ पंत समेत कई प्रमुख नेता मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह के बाद यह प्रस्ताव पारित किया गया था। कांग्रेस के मुताबिक, 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा की अंतिम बैठक में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भी जन गण मन को राष्ट्रीय गान और वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत के रूप में दोहराया था।
परिसीमन पर 543 सीटें बरकरार रखने की मांग
CWC की बैठक में आगामी परिसीमन प्रक्रिया को लेकर भी कांग्रेस ने अपना रुख स्पष्ट किया। पार्टी ने कहा कि लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या को फ्रीज रखा जाना चाहिए और इसमें बढ़ोतरी की जरूरत नहीं है।
इसके अलावा बैठक में चार प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों पर पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।
- पेपर लीक और छात्र आंदोलन: NEET समेत दूसरी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर सरकार की आलोचना की गई। कांग्रेस अब 800 से ज्यादा शहरों में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान चलाने की तैयारी में है।
- ‘चंदा चोरी’ का मुद्दा: आर्थिक अनियमितताओं और चंदा जुटाने को लेकर पार्टी जमीनी स्तर पर अभियान चलाएगी।
- अरुणाचल प्रदेश में चीन: कांग्रेस ने चीनी गतिविधियों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर मुद्दा बताया।
- शिक्षा नीति: कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस योजना तैयार करने को कहा गया।
हल्द्वानी मामले में पीएम मोदी से माफी की मांग
बैठक में हल्द्वानी की घटना को लेकर भी कांग्रेस (Congress) ने बीजेपी (BJP) पर निशाना साधा। पार्टी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद हुए घटनाक्रम को अस्वीकार्य बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) से माफी की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि 13 बार सदन के सदस्य रहे पार्टी अध्यक्ष के साथ ऐसा व्यवहार ‘उच्च जातीय मानसिकता’ को दर्शाता है।
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