पंजाब के 3 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी हड़ताल पर, सेवाएं ठप्प

Sandesh Wahak Digital Desk: पंजाब में सभी विभागों, बोर्डों और निगमों के 3 लाख से अधिक कर्मचारी तथा करीब 4 लाख पेंशनभोगी अपनी लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को सामूहिक आकस्मिक अवकाश (कैजुअल लीव) पर चले गए हैं। इस महा हड़ताल के कारण राज्य भर के सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, डिस्पेंसरियों और शिक्षण संस्थानों में काम-काज पूरी तरह प्रभावित हुआ है। कर्मचारी जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, आम जनता की सहूलियत को देखते हुए बाजार, निजी संस्थान, सार्वजनिक व निजी परिवहन और आपातकालीन सेवाओं को इस हड़ताल से मुक्त रखा गया है।

डीए के बकाये और 58% महंगाई भत्ते की मुख्य मांग

कर्मचारी यूनियनों के अनुसार, सरकार पर उनका कुल 20,161 करोड़ रुपये का महंगाई भत्ता (डीए) बकाया है, जिसमें 6,000 करोड़ रुपये वर्ष 2021 से और 14,161 करोड़ रुपये उससे पहले की अवधि के हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें वर्तमान में मूल वेतन का 42 प्रतिशत डीए मिल रहा है, जिसे बढ़ाकर 58 प्रतिशत किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने 3 अगस्त को राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर बकाया डीए का भुगतान करने का निर्देश दिया था और भुगतान पूरा होने तक बड़े विज्ञापनों पर रोक भी लगाई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने संबंधित विभागों को समाधान तेज करने के निर्देश दिए हैं, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान के भी कर्मचारी नेताओं से मुलाकात करने की संभावना है।

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