अस्थमा में फेफड़ों के लिए कितने जरूरी हैं Vitamin A और D? जानिए क्या कहती है नई स्टडी
Asthma Symptoms: अस्थमा एक ऐसी दीर्घकालिक बीमारी है, जिससे दुनिया भर में करोड़ों लोग प्रभावित हैं। इस बीमारी में सांस की नलियों में सूजन, अधिक बलगम बनने और मांसपेशियों के सिकुड़ने के कारण सांस लेने में परेशानी, सीटी जैसी आवाज (व्हीजिंग), खांसी और सीने में जकड़न जैसी समस्याएं होती हैं।

हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया है कि शरीर में विटामिन A और विटामिन D का पर्याप्त स्तर फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर रखने और अस्थमा के लक्षण कम करने में मददगार हो सकता है। हालांकि शोधकर्ताओं ने साफ किया है कि इन विटामिन्स के सप्लीमेंट केवल डॉक्टर की सलाह पर ही लेने चाहिए।
स्टडी में क्या सामने आया
BMJ General में प्रकाशित अध्ययन में अस्थमा मरीजों के विटामिन A और D के स्तर तथा उनके फेफड़ों की कार्यक्षमता का विश्लेषण किया गया। शोध के अनुसार, जिन लोगों में इन दोनों विटामिन्स का स्तर पर्याप्त था, उनमें फेफड़ों का प्रदर्शन बेहतर पाया गया। वहीं NCBI के मुताबिक विटामिन A श्वसन तंत्र की कोशिकाओं की सुरक्षा करता है, जबकि विटामिन D प्रतिरक्षा प्रणाली को संतुलित कर सूजन कम करने में मदद कर सकता है।

हालांकि, अध्ययन यह साबित नहीं करता कि केवल इन विटामिन्स से अस्थमा ठीक हो सकता है। इसके लिए अभी बड़े क्लिनिकल ट्रायल की जरूरत है।
किन लोगों में कमी का खतरा अधिक
विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक घर के अंदर रहने वाले लोग, बुजुर्ग, मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति, कुपोषित लोग, पाचन तंत्र की बीमारियों, लिवर या किडनी की समस्या से जूझ रहे मरीज, धूप में कम रहने वाले और बहुत सीमित डाइट लेने वाले लोगों में विटामिन A और D की कमी का खतरा अधिक रहता है।
डॉक्टरों का कहना है कि अस्थमा के मरीज संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, धूम्रपान से दूरी, समय पर दवाओं का सेवन और नियमित जांच के साथ ही इन विटामिन्स का उपयोग चिकित्सकीय सलाह पर करें। इन्हें दवाओं का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
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