15 साल के वैभव सूर्यवंशी को कप्तान बनाने की तैयारी, सेलेक्टर्स का प्लान रेडी
Sports News: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को महज 15 साल की उम्र में बड़ी जिम्मेदारी मिली है।
दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन टीम का उपकप्तान बनाकर चयनकर्ताओं ने साफ संकेत दिया है कि वे उन्हें भविष्य के कप्तान के रूप में तैयार करना चाहते हैं।
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में तेजी से उभर रहे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी के लिए ईस्ट जोन टीम का उपकप्तान बनाया गया है।
टीम की कमान विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन को सौंपी गई है, जबकि 15 वर्षीय वैभव को उनकी डिप्टी की जिम्मेदारी मिली है।
दिलचस्प बात यह है कि टीम में मोहम्मद शमी, अभिमन्यु ईश्वरन और मुकेश कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, लेकिन चयनकर्ताओं ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए वैभव पर भरोसा जताया है।
लंबी रणनीति का हिस्सा है फैसला
ईस्ट जोन चयन समिति के सदस्य मनीष वर्धन के अनुसार, वैभव को उपकप्तान बनाना सिर्फ इस टूर्नामेंट का फैसला नहीं, बल्कि लंबी योजना का हिस्सा है।
उनका मानना है कि उपकप्तान की भूमिका निभाने से खिलाड़ी कप्तान के साथ रहकर नेतृत्व, टीम मैनेजमेंट और मैच के दौरान फैसले लेने की बारीकियां सीखता है।

उन्होंने कहा कि वैभव की बल्लेबाजी प्रतिभा के साथ-साथ उनकी नेतृत्व क्षमता को भी विकसित करना जरूरी है, ताकि भविष्य में वह बड़ी जिम्मेदारियां संभाल सकें।
ईशान की गैरमौजूदगी में नहीं करेंगे कप्तानी
हालांकि, चयनकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कारण से ईशान किशन उपलब्ध नहीं रहते हैं, तो कप्तानी वैभव को नहीं सौंपी जाएगी।
ऐसी स्थिति में कोई अनुभवी खिलाड़ी टीम की कमान संभालेगा, जबकि वैभव सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा बने रहेंगे।
पहले भी निभा चुके हैं उपकप्तान की भूमिका
पूर्व क्रिकेटर और चयनकर्ता प्रवंजन मलिक ने बताया कि वैभव इससे पहले बिहार की रणजी टीम के उपकप्तान भी रह चुके हैं।
उनके मुताबिक, ईशान किशन जैसे अनुभवी खिलाड़ी के साथ रहने से वैभव को मैच रणनीति, खिलाड़ियों के प्रबंधन और नेतृत्व की व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।
भविष्य में बन सकते हैं टीम इंडिया के कप्तान
चयनकर्ताओं का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं। यदि उनका प्रदर्शन इसी तरह जारी रहता है, तो आने वाले वर्षों में वह भारतीय टीम की कप्तानी के भी प्रबल दावेदार बन सकते हैं।
दलीप ट्रॉफी में उपकप्तानी की जिम्मेदारी इसी दिशा में उठाया गया एक अहम कदम माना जा रहा है।
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