UP चुनाव से पहले सियासी दांव-पेंच, SP के PDA फॉर्मूले पर राजभर का सवाल, BJP ने गैर-यादव OBC पर बढ़ाया फोकस
Lucknow News: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी प्रमुख दलों ने अपनी कमर कस ली है। एक ओर समाजवादी पार्टी (SP) अपने पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक (PDA) फॉर्मूले के जरिए पारंपरिक मुस्लिम-यादव (MY) समीकरण से बाहर निकलने की कोशिश कर रही है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गैर-यादव OBC और अन्य पिछड़े समुदायों को साधने की रणनीति तेज कर दी है। इसी बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के नेता व राज्य मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने SP के PDA मॉडल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर गैर-यादव OBC व दलितों के साथ भेदभाव हो रहा है।

राजभर ने SP के फॉर्मूले को बताया दिखावा
ओम प्रकाश राजभर का कहना है कि समाजवादी पार्टी ने PDA का नारा तो दे रखा है, लेकिन व्यवहार में इन समुदायों के नेताओं को न तो उचित प्रतिनिधित्व मिलता है और न ही सम्मान। उनके मुताबिक, यह महज एक चुनावी हथकंडा है। वहीं दूसरी ओर, BJP और उसके सहयोगी गैर-यादव OBC नेतृत्व को आगे कर इन तबकों में अपनी पैठ मजबूत करने में जुटे हैं। मौजूदा योगी सरकार में करीब 20 OBC मंत्री हैं, और BJP कुर्मी, निषाद व राजभर समुदायों में अपने सहयोगी दलों (अपना दल (S), निषाद पार्टी, SBSP) के सहारे वोट बैंक विस्तार कर रही है।
हाल ही में BJP के संगठनात्मक विस्तार में गैर-यादव OBC व SC नेताओं को शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया, जिसे SP के PDA अभियान की बौद्धिक प्रतिक्रिया माना जा रहा है। इनमें भूपेंद्र चौधरी, हंसराज विश्वकर्मा, कैलाश सिंह राजपूत और कृष्णा पासवान जैसे चेहरे शामिल हैं।
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