Varanasi News: काशी शहर के भीतर नहीं बिकेगा कच्चा मांस-मछली, सीमा से बाहर भेजे जाएंगे बाजार
Varanasi News: धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी में स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वाराणसी नगर निगम ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब शहर के आंतरिक क्षेत्रों और मुख्य बाजारों में कच्चे मांस, मीट या मछली की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। नगर निगम की सदन बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास किया गया है कि शहर की सीमा के भीतर चल रही ऐसी सभी दुकानों को बाहर स्थानांतरित किया जाएगा। प्रशासन इस नई व्यवस्था को आगामी शारदीय नवरात्र तक पूरी तरह लागू करने की तैयारी में जुट गया है।
इन पांच बाहरी इलाकों में होगा नया ठिकाना
नगर निगम के नए मास्टर प्लान के तहत शहर के अलग-अलग हिस्सों में संचालित हो रहे मीट और मछली बाजारों को चिह्नित कर लिया गया है। इन सभी दुकानों को शहर की सीमा से बाहर रामनगर, सूजाबाद, गनेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर में ट्रांसफर किया जाएगा। इस कदम से शहर के मुख्य और रिहाइशी इलाकों में स्वच्छता बनी रहेगी।
व्यापारियों के नुकसान को देखते हुए उठी थी मांग
इस बड़े फैसले की पृष्ठभूमि पिछले साल ही तैयार हो गई थी, जब नगर निगम सदन में पार्षद गुलशन अली ने इस गंभीर मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया था। उन्होंने दुकानों को शहर से बाहर भेजने की वकालत करते हुए एक व्यावहारिक तर्क दिया था। उनका कहना था कि सावन के पावन महीने में धार्मिक आस्था के कारण पूरे महीने शहर के भीतर मीट-मछली की दुकानें बंद रखनी पड़ती हैं, जिससे स्थानीय मांस व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। दुकानों के शहर से बाहर शिफ्ट होने पर व्यापारियों को बार-बार होने वाली इस मंदी से बड़ी राहत मिलेगी।
श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड आमद बनी मुख्य वजह
दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा काशी विश्वनाथ धाम (कॉरिडोर) के भव्य लोकार्पण के बाद से ही वाराणसी में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, कॉरिडोर बनने से लेकर अब तक लगभग 29 करोड़ 80 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा के दरबार में शीश नवा चुके हैं। बढ़ती गर्मी के बावजूद पिछले महज 60 दिनों में एक करोड़ से ज्यादा भक्तों ने काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन किए हैं। ऐसे में काशी की संकरी और ऐतिहासिक गलियों में कच्चे मांस-मछली की दुकानों के होने से दर्शनार्थियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था।
सनातन संस्कृति का वैश्विक केंद्र है काशी
दुनिया के सबसे प्राचीन और निरंतर बसे जीवंत शहरों में शुमार काशी का हिंदू धर्म में सर्वोच्च स्थान है। देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक होने के कारण पुराणों में भी इसका विशेष महत्व बताया गया है, जहां मृत्यु होने पर जीव को जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति (मोक्ष) मिल जाती है। हजारों सालों से वेद, उपनिषद, दर्शन और संस्कृत के केंद्र रहे इस शहर की पवित्रता और वैश्विक छवि को अक्षुण्ण रखने के लिए नगर निगम का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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