UP में ग्रामीण मकान निर्माण के नियम बदलेंगे, पंचायत से लेनी होगी मंजूरी

Lucknow: उत्तर प्रदेश (UP) के ग्रामीण इलाकों में मकान निर्माण को व्यवस्थित और विवादमुक्त बनाने के लिए योगी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। जल्द ही गांवों में घर बनाने से पहले भवन का नक्शा पास कराना अनिवार्य हो सकता है। इसके लिए पंचायती राज विभाग नई भवन निर्माण उपविधि लागू करने की तैयारी में जुट गया है।

सरकार का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन और निर्माण से जुड़े अधिकांश विवाद बिना किसी नियमन के निर्माण कार्य होने के कारण पैदा होते हैं। ऐसे में पंचायत स्तर पर नक्शा स्वीकृत कराने की व्यवस्था लागू होने से निर्माण कार्यों पर निगरानी बढ़ेगी और अनियमित निर्माण पर रोक लग सकेगी।

पंचायत स्तर पर होगी निगरानी

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में मकान निर्माण स्वीकृत नक्शे के आधार पर ही किया जाएगा। यदि निर्माण कार्य तय मानकों के विपरीत पाया गया तो पंचायत स्तर पर कार्रवाई भी की जा सकेगी। नगर निकायों की तरह पंचायती राज संस्थाओं को भी भवन निर्माण की निगरानी और नियंत्रण की जिम्मेदारी दी जाएगी।

UP सरकार को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से न केवल सुनियोजित ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जिला पंचायतों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।

पंचायती राज विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों के भवन निर्माण को नियमित करने के लिए तैयार की जा रही नई व्यवस्था का नाम “मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2026” तय किया है।

इस प्रस्तावित उपविधि को अंतिम रूप देने के लिए विभाग की ओर से संबंधित पक्षों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में बिल्डर, आर्किटेक्ट और जिला पंचायतों के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी। पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद UP के ग्रामीण क्षेत्रों में मकान निर्माण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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