लखनऊ में 2,000 करोड़ की सरकारी जमीन पर सिकंदर खान का कब्जा, मिले फर्जी दस्तावेज, इराक कनेक्शन भी आया सामने

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अरबों रुपये की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। जानकीपुरम, चिनहट और बीकेटी क्षेत्रों में फर्जी चकबंदी आदेश तैयार करवाकर लगभग 120 बीघा (अनुमानित कीमत 2,000 करोड़ रुपये) सरकारी भूमि हड़पने का मास्टरमाइंड सिकंदर खान नाम का व्यक्ति बताया जा रहा है। मामले का खुलासा कोर्ट में होने के बाद जानकीपुरम थाने में चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस फर्जीवाड़े में चकबंदी विभाग के 7 अधिकारी भी जांच की जद में हैं। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन की टीमें मास्टरमाइंड की सही पहचान जुटाने में लगी हैं।

दो वोटर आईडी और अलग-अलग पते

जांच में जुटी टीम को सिकंदर खान की दो अलग-अलग वोटर आईडी और एक एफिडेविट मिला है, जिनमें उसके मूल पते भिन्न हैं। एक पहचान पत्र में उसने खुद को बलरामपुर के उतरौला (रंकीबदलपुर) का, जबकि दूसरे में बहराइच का निवासी दर्शाया है। वहीं, अदालत में जमा शपथपत्र में उसने लखनऊ के इस्माईलगंज का निवासी बताते हुए चिनहट व उत्तरधौना की जमीनों को पैतृक संपत्ति बताया है। हालांकि, सभी दस्तावेजों में उसके पिता का नाम शाहजहां खान दर्ज है, लेकिन उसके हस्ताक्षर हर जगह अलग-अलग पाए गए हैं।

परिजनों और वकीलों का नेटवर्क भी रडार पर

जांच अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे गोरखधंधे में सिकंदर का भाई इरशाद खान, परिवार के सदस्य और कई रिश्तेदार भी भागीदार हैं, जिनके नाम पर जमीनें दर्ज कराई गई हैं। मामले में सिकंदर के करीबी तारिक का नाम भी प्रकाश में आया है, जो वर्तमान में इराक में रहकर इस नेटवर्क को फंडिंग मुहैया करा रहा था। इसके अलावा, अदालतों में मुकदमों की पैरवी करने वाले दो विशेष अधिवक्ताओं और एक महिला वकील की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है।

बलरामपुर, बहराइच और लखनऊ में दर्ज हैं मुकदमे

सीसीटीएनएस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि सिकंदर खान पर बलरामपुर, बहराइच और लखनऊ के वजीरगंज थाने में आपराधिक मामले पहले से पंजीकृत हैं। दूसरी ओर, जानकीपुरम पुलिस द्वारा हल्की धाराओं में मामला दर्ज किए जाने और चिनहट थाने में तहरीर के बावजूद एफआईआर में देरी को लेकर खाकी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के स्टैंडिंग काउंसिल डॉ. कृष्णा सिंह ने स्पष्ट किया है कि सभी रिकॉर्ड एकत्र किए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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