Kanpur News: इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स ने चलाया जागरूकता अभियान, बांटे गए नि:शुल्क ओआरएस पैकेट
Kanpur News: विश्व ओआरएस सप्ताह के उपलक्ष्य में इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स की ओर से स्वास्थ्य और बाल सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में डॉ. अनुराग भारती के भारतीय मेडिकेयर केंद्र में एक विशेष शिविर का आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय महिलाओं और माताओं को बच्चों में दस्त (डायरिया) के नियंत्रण और ओआरएस के वैज्ञानिक इस्तेमाल की विस्तृत जानकारी दी गई।
माताओं के लिए क्विज और मुफ्त वितरण
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित माताओं के बीच ओआरएस और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े सवाल-जवाब की प्रतियोगिता रखी गई। सही उत्तर देने वाली महिलाओं को उपहार देकर सम्मानित किया गया, जबकि शिविर में शामिल सभी लोगों को मुफ्त ओआरएस पैकेट वितरित किए गए। डॉक्टरों ने बताया कि दस्त के दौरान शरीर में पानी की कमी रोकने के लिए ओआरएस और जिंक का संयोजन संजीवनी की तरह काम करता है।
संगीत प्रस्तुति और वरिष्ठ डॉक्टरों की मौजूदगी
इस अवसर पर आईएपी (IAP) के अध्यक्ष डॉ. जेके गुप्ता, डॉ. अनुराग भारती और डॉ. रूपम श्रीवास्तव प्रमुख रूप से मौजूद रहे। सेविका संस्था के प्रतिनिधियों ने ओआरएस के महत्व पर आधारित एक सुमधुर और संदेशप्रद गीत पेश किया, जिसकी सभी उपस्थित जनों ने खुले दिल से प्रशंसा की।
जन-जागरूकता के साथ-साथ भावी डॉक्टरों को प्रशिक्षित करने के लिए मेडिकल संस्थानों में भी गोष्ठियों (Seminars) का आयोजन किया गया। रामा मेडिकल कॉलेज में आयोजित वर्कशॉप में डॉ. वीके टंडन और डॉ. राज तिलक ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की। उन्होंने एमबीबीएस छात्रों को बच्चों में निर्जलीकरण और दस्त प्रबंधन के क्लिनिकल पहलुओं से अवगत कराया।
इस संस्थान में डॉ. मोहसिन खान और डॉ. शैलेन्द्र गौतम ने मेडिकल स्टूडेंट्स को ओआरएस का सही घोल तैयार करने की विधि और इसके इस्तेमाल से बाल मृत्यु दर को घटाने के उपायों पर व्याख्यान दिया। बाल रोग विशेषज्ञों ने आम जनता से आग्रह किया है कि बच्चों को दस्त की शिकायत होते ही बिना देरी किए ओआरएस का घोल देना शुरू करें। इसके साथ ही जिंक का निर्धारित कोर्स पूरा कराएं और स्थिति गंभीर होने पर तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।
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