जंतर-मंतर पर फिर से उमड़े हजारों लोग, UGC के विरोध में शुरू हुआ ‘रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन’

Reservation Hatao Andolan: 45 दिनों तक चले कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर बड़े शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बना। आरक्षण व्यवस्था और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के इक्विटी नियमों के विरोध में हजारों प्रदर्शनकारी जुटे। हाथों में बैनर, पोस्टर और भगवा झंडे लिए प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में बदलाव को लेकर रही। उनका कहना था कि सरकारी योजनाओं और आरक्षण का लाभ उन लोगों तक पहुंचना चाहिए जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है। कई प्रदर्शनकारियों ने जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को सरकारी सहायता का आधार बनाने की मांग की।

आरक्षण के आधार पर उठे सवाल

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की। उनका तर्क था कि कई बार इसका फायदा समाज के सबसे वंचित लोगों तक नहीं पहुंच पाता। कुछ प्रदर्शनकारियों ने SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग पर भी सवाल उठाते हुए इसमें जरूरी बदलाव की मांग की।

कुछ लोगों ने आरक्षण में ‘क्रीमी लेयर’ का प्रावधान लागू करने और SC, ST और OBC से जुड़ी नीतियों की समीक्षा की मांग भी रखी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति किसी भी जाति से हो, उसे शिक्षा, फीस, कोचिंग और दूसरी जरूरी सुविधाओं में सरकारी मदद मिलनी चाहिए।

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय सचिव (युवा) दीपराज रावल ने कहा कि सरकारी सहायता तय करने में आर्थिक स्थिति को भी महत्वपूर्ण आधार बनाया जाना चाहिए। वहीं अन्य प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आरक्षण लागू हुए कई दशक हो चुके हैं, इसलिए बदलती सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के हिसाब से इसकी समीक्षा पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए।

UGC इक्विटी नियमों का भी विरोध

Reservation Hatao Andolan

प्रदर्शनकारियों ने अब स्थगित किए जा चुके UGC Equity Regulations को लेकर भी विरोध जताया। भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय सचिव सुधीर चौहान ने कहा कि ऐसे नियमों को वापस लिया जाना चाहिए, क्योंकि उनके अनुसार इससे छात्रों के बीच भेदभाव और द्वेष बढ़ने की आशंका है।

Reservation Hatao Andolan में शामिल यूएस राणा ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सहायता से वंचित करना उनका उद्देश्य नहीं है। उनका कहना था कि स्कॉलरशिप, फीस में मदद और कोचिंग जैसी सुविधाएं जरूरत के आधार पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

हनुमान चालीसा का पाठ, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन (Jantar-Mantar Protest) के दौरान कुछ लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और ‘सियावर रामचंद्र की जय’ के नारे भी लगाए। आयोजकों ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताया और कहा कि लोग अपनी मांगें रखने के लिए यहां पहुंचे हैं।

प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस की अनुमति पर शुरुआत में असमंजस की स्थिति रही। बाद में प्रदर्शन की अनुमति दे दी गई। सुरक्षा को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की गई। दिल्ली पुलिस के अलावा RAF और ITBP के जवान भी तैनात रहे।

महाराष्ट्र से राजस्थान तक उठी आवाज

आरक्षण में बदलाव और UGC इक्विटी नियमों के विरोध का यह अभियान पिछले कुछ समय में कई शहरों तक पहुंच चुका है। नागपुर, लखनऊ, जयपुर और विशाखापत्तनम में भी प्रदर्शन हुए हैं।

राजस्थान में श्री राजपूत करणी सेना ने UGC इक्विटी नियमों के विरोध में करीब 800 किलोमीटर की पदयात्रा की थी। प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की और कहा कि सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन (Reservation Hatao Andolan) को आने वाले दिनों में और बड़ा किया जा सकता है।

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