हाथरस जिला अस्पताल में मानवता शर्मसार, शव वाहन न मिलने पर मां को गोद में उठाकर ई-रिक्शा से घर गया बेबस बेटा

Hathras News: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सरकारी अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाली एक बेहद दर्दनाक और संवेदनहीन तस्वीर सामने आई है। सड़क दुर्घटना में घायल हुई एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता की हद पार हो गई। मृतका का बेटा अपनी मां के शव को गोद में उठाकर अस्पताल परिसर में स्ट्रेचर और एम्बुलेंस के लिए भटकता रहा, लेकिन किसी भी स्वास्थ्यकर्मी का दिल नहीं पसीजा। आखिरकार, लाचार होकर वह अपनी मां के शव को गोद में लेकर एक ई-रिक्शे से घर जाने को मजबूर हो गया।

अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल हुए थे मां-बेटा

जानकारी के अनुसार, यह दुखद वाकया चंदपा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ। शनिवार की देर शाम नंद नगरिया (कोतवाली सदर) के रहने वाले महेंद्र अपनी 80 वर्षीय मां कनक प्यारी को बाइक से दवा दिलाकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में मां-बेटा दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन रविवार को इलाज के दौरान बुजुर्ग महिला ने दम तोड़ दिया।

पोस्टमार्टम से मना करने पर अस्पताल ने मोड़ा मुंह

वृद्धा की मौत के बाद शोकाकुल परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया और कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद शव को घर ले जाने की तैयारी करने लगे। महेंद्र का आरोप है कि उन्होंने अस्पताल प्रशासन से शव वाहन (मोर्चरी वैन) की मांग की, लेकिन घंटों इंतजार कराने के बाद भी उन्हें न तो वाहन दिया गया और न ही वार्ड से बाहर तक लाने के लिए एक स्ट्रेचर नसीब हुआ। व्यवस्था की इस बेरुखी के बाद बेबस बेटे को मां की लाश खुद ही गोद में उठानी पड़ी।

सीएमओ को मामले की जानकारी नहीं

इस शर्मनाक घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. वेद प्रकाश से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिया कि इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जाएगी। सीएमओ ने सफाई देते हुए कहा कि जिला अस्पताल में शव वाहन की व्यवस्था रहती है, हो सकता है कि घटना के वक्त वह गाड़ी किसी दूसरे शव को छोड़ने गई हो। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती इनपुट के मुताबिक महिला को मृत अवस्था में लाया गया था, लेकिन वास्तविकता क्या है, इसकी जांच के बाद ही सच सामने आएगा।

हाथरस जिला अस्पताल की इस घटना ने एक बार फिर सूबे की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना दर्शाती है कि दावों के उलट धरातल पर मरीजों और उनके तीमारदारों के प्रति डॉक्टरों व स्टाफ का रवैया कितना अमानवीय हो चुका है। अब देखना यह होगा कि इस जांच के बाद दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ प्रशासन क्या सख्त कदम उठाता है।

Also Read: Bareilly News: पुलिस मुठभेड़ में दुष्कर्म का वांछित आरोपी पैर में गोली लगने से घायल

Get real time updates directly on you device, subscribe now.