आगरा कैंट स्टेशन पर भिड़े डिप्टी एसएस और आरपीएफ जवान, प्लेटफॉर्म पर मारपीट का वीडियो वायरल
Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रविवार की दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब ट्रेन संचालन के दौरान रेलवे के ही दो विभागों के कर्मचारी आपस में भिड़ गए। विवाद इस कदर बढ़ा कि दोनों के बीच प्लेटफॉर्म पर ही सरेआम मारपीट हो गई। इसके बाद आरपीएफ के जवान रेलवे अधिकारी को घसीटते हुए थाने ले गए। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेल महकमे में खलबली मची हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और पीड़ित उप स्टेशन पर्यवेक्षक (डिप्टी एसएस) नरेंद्र चाहर ने जीआरपी में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
Another video of physical confrontatuin between RPF personnel and Railway staff at Agra Cantt station. pic.twitter.com/fnrXs79IhE
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) July 12, 2026
जुर्माने को लेकर शुरू हुआ विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह पूरी घटना दोपहर करीब 12 बजे प्लेटफॉर्म नंबर एक पर हुई। झांसी की ओर जाने वाली ट्रेन संख्या 20808 अचानक रुकी, जिसके बाद आरपीएफ जवान जितेंद्र कुमार ने एक महिला यात्री और उसके साथी पर अवैध रूप से चेन पुलिंग करने का आरोप लगाया। जवान का कहना था कि इस लापरवाही के लिए उन पर कार्रवाई होगी और 1000 रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा। इसी बीच मौके पर पहुंचे डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर ने दखल दिया। उन्होंने साफ किया कि ट्रेन को चेन पुलिंग से नहीं, बल्कि ट्रेन मैनेजर की सहमति से प्रेशर ब्रेक लगाकर रोका गया था, क्योंकि वह महिला चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश कर रही थी और उसकी जान बचाना जरूरी था।
Narendra Singh Chahar, a deputy station superintendent at Agra Cantt railway station was dragged and taken away by RPF personnel following a dispute. According to reports, Chahar signalled a train to halt after a woman almost injured herself while boarding the train. An RPF… pic.twitter.com/mWZCQkmELe
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) July 12, 2026
यात्रियों के सामने ही हुई गाली-गलौज और मारपीट
जुर्माने की बात को लेकर दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि आरपीएफ के अन्य जवान भी वहां पहुंच गए और उन्होंने डिप्टी एसएस के साथ मारपीट शुरू कर दी। मौके पर मौजूद स्टेशन मैनेजर और अन्य रेल कर्मचारियों ने बीच-बचाव करने की पूरी कोशिश की, लेकिन काफी देर तक प्लेटफॉर्म पर तमाशा चलता रहा। इस अप्रत्याशित हंगामे को देखकर स्टेशन पर मौजूद यात्री भी सहम गए।
इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर का कहना है कि आरपीएफ कर्मी महिला यात्री से अवैध वसूली की कोशिश कर रहे थे, जिसका उन्होंने विरोध किया। वहीं, आरपीएफ का दावा है कि डिप्टी एसएस ने ऑन-ड्यूटी जवानों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और गाली-गलौज की। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुछ जवान रेलवे अधिकारी को जबरन ले जाते दिख रहे हैं। रेलकर्मियों का आरोप है कि आरपीएफ ने डिप्टी एसएस को पैर पकड़कर घसीटा और थाने ले गई।
उच्च स्तरीय जांच के आदेश
इस घटना से नाराज रेल कर्मचारियों ने आरपीएफ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने एकजुट होकर अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले पर बयान देते हुए रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी संजय गौतम ने कहा कि ट्रेन का वहां निर्धारित स्टॉपेज था, लेकिन उसे प्रेशर ब्रेक लगाकर क्यों रोका गया, इसकी तकनीकी जांच की जा रही है। वहीं, आरपीएफ के सीनियर डीएससी से इस संबंध में संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

