होर्मुज स्ट्रेट में जहाज पर ईरानी हमले के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर दागीं मिसाइलें
Sandesh Wahak Digital Desk: वाशिंगटन और तेहरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (होर्मुज स्ट्रेट) से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज पर हमला किए जाने के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कमांडर-इन-चीफ के तौर पर दिए गए सीधे आदेश के बाद अमेरिकी सेनाओं ने पूर्वी समय के अनुसार शाम 7:15 बजे (भारतीय समयानुसार रविवार सुबह 4:45 बजे) ईरान के खिलाफ हवाई और सैन्य हमले शुरू कर दिए। यह इस हफ्ते ईरान पर अमेरिका का तीसरा सबसे बड़ा हमला है।
सेंटकॉम के मुताबिक, ईरान ने साइप्रस का झंडा लगे एक वाणिज्यिक (कमर्शियल) कंटेनर जहाज एम/वी जीएफएस गैलेक्सी पर हमला किया था। इस ईरानी हमले के कारण जहाज के इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा और उसमें भीषण आग लग गई, जिसके चलते जहाज बीच समंदर में ही फंस गया और आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया। इस घटना के बाद से ही जहाज का एक नागरिक क्रू सदस्य लापता बताया जा रहा है, हालांकि वह किस देश का नागरिक है, सुरक्षा कारणों से अभी इसकी पहचान उजागर नहीं की गई है।
गुप्त रखे गए हमले के ठिकाने और हथियार
हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपनी इस जवाबी सैन्य कार्रवाई में पारदर्शिता तो दिखाई है, लेकिन सुरक्षा रणनीतियों के तहत उन सटीक लोकेशंस (जगहों) का खुलासा नहीं किया है जहां अमेरिकी मिसाइलें या बम गिरे हैं। इसके साथ ही इस सैन्य ऑपरेशन में किस तरह के आधुनिक हथियारों, लड़ाकू विमानों या युद्धपोतों का इस्तेमाल किया जा रहा है, इसे भी पूरी तरह गुप्त रखा गया है।
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व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा के लिए उठाया कदम
अमेरिकी सेना ने सख्त लहजे में कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर पहले हुए हमलों के बाद तेहरान को सुधरने और अंतरराष्ट्रीय समझौतों का पालन करने का एक आखिरी मौका दिया गया था, लेकिन ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और एक बार फिर शांति बहाली में विफल रहा। सेंटकॉम ने स्पष्ट किया कि इस ताजा और कड़े सैन्य ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट जैसे वैश्विक व्यापारिक मार्गों पर नागरिक नाविकों और कमर्शियल शिपिंग के लिए खतरा पैदा करने वाली ईरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह से ध्वस्त और कमजोर करना है।
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